भीलवाड़ा

बच्चे स्कूल में पढ़ रहे थे और यह क्या……

राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के रायपुर कस्बे के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में सोमवार को अचानक बरामदे का प्लास्टर गिर गया। घटना से स्कूल में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना पर उपखंड अधिकारी राजेश सुवालका मौके पर पहुंचे। गनीमत यह रही की घटना के वक्त बरामदे में कोई मौजूद नहीं था।

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बच्चे स्कूल में पढ़ रहे थे और यह क्या......

भीलवाड़ा जिले के रायपुर कस्बे के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में सोमवार को अचानक बरामदे का प्लास्टर गिर गया। घटना से स्कूल में अफरातफरी मच गई। घटना की सूचना पर उपखंड अधिकारी राजेश सुवालका मौके पर पहुंचे। गनीमत यह रही की घटना के वक्त बरामदे में कोई मौजूद नहीं था।

जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में नियमित रूप से कक्षा चल रही थी । इसी दौरान बरामद की बाहरी हिस्से का करीब दस फीट तक के दायरे में फैला प्लास्टर भरभरा कर नीचे आ गिरा। विद्यालय में मौजूद शिक्षक व बच्चे धमाके की आवाज सुन कर सन्न रह गए। भय के मारे स्टाफ व बच्चे कक्षाओं से बाहर खुले परिसर में आ गए।

एक मिनट पहले छात्राएं गुजरी
बरामदे में प्लास्टर छात्राओं ने जहां जूते चप्पल रखे हुए थे, वहीं प्लास्टर गिरा। यहां से एक मिनट पहले ही तीन छात्राएं पानी पीने के लिए कमरे से बाहर निकली और ही चप्पलें पहनकर पानी पीने के लिए गई थी। गनीमत रही कि उस समय वहां कोई नहीं था।

मौके पर पहुंचे अधिकारी

उपखंड अधिकारी राजेश सुवालका, तहसीलदार नारूलाल रेगर, खंड मुख्य शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार शर्मा, नायब तहसीलदार भंवर लाल धोबी, पटवारी विनोद सालवी व गिरदावर तुलसीराम मौके पर पहुंचे और स्कूल भवन का जायजा लिया। उपखंड अधिकारी सुवालका ने तुरंत प्रभाव से मरम्मत कार्य शुरू करवाने के आदेश दिए।

तीन सदस्यीय कमेटी गठित
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ने तीन सदस्यीय टीम गठित की। टीम ने मौका मुआयना कर तीन कमरों को जर्जर माना। इसके अलावा परिसर में सभी कमरों को सुरक्षा की दृष्टि से ठीक बताया। इसी रिपोर्ट को जिला मुख्यालय पर अधिकारियों को प्रेषित किया।


पत्रिका लगातार उठा रहा था मुद्दा

राजस्थान पत्रिका ने 24 सितंबर 2022 के अंक में खेल मैदान में भट्टियां, जर्जर कमरों की टूटी पटियां शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद खंड स्तरीय अधिकारियों ने इस जर्जर विद्यालय भवन में महात्मा गांधी विद्यालय संचालित करने के लिए खानापूर्ति के नाम पर रंग रंग रोगन करवा दिया। राजस्थान पत्रिका ने 30 अक्टूबर 2022 के अंक में फिर से कौन लेगा बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर स्कूल स्टाफ व बच्चों की पीड़ा उजागर की थी। इसके बावजूद विद्यालय भवन की मरम्मत को लेकर कोई कार्यवाही नहीं हो सकी।

Published on:
05 Dec 2022 10:26 pm
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