
भीलवाड़ा. सुभाषनगर पुलिस आदर्श क्रेडिट कॉ-ऑपरेटिव सोसायटी के निदेशक समेत ११ जनों से गहनता से पूछताछ कर रही है। बैंक की तरह वित्तीय लेनदेन के रूप में सोसायटी का गठन हुआ था। लेकिन जैसे-जैसे निवेशकों की ओर से जमा कराई कमाई का आंकड़ा बढ़ता गया, सोसायटी पदाधिकारियों की नीयत बिगड़ती गई। वित्तीय लेनदेन भूलकर पदाधिकारी घोटाले में लग गए। यहीं वजह है कि सोसायटी डूबती चली गई।
सोसायटी पदाधिकारी सेमिनार और बैठक में बड़ी संख्या में उन लोगों को बुलाते थे जो निवेश कर सकें। उनको बातों के जाल में उलझाया जाता था। निवेशकों को झांसा दिया कि निवेश की राशि को ऊंची ब्याज दर पर लोन दिया जा रहा है। जो लाभ कम्पनी को होगा उस अनुपात में निवेश राशि पर फायदा मिलेगा। इससे लोग लाखों रुपए निवेश करने लग गए।
मोटी रकम तो वेतन में ही लेते
सोसायटी पदाधिकारी मासिक रूप से मोटा वेतन लेते थे। पदाधिकारियों ने अपने ही रिश्तेदारों के खातों में सैलेरी के नाम पर ही करोड़ों रुपए हस्तांतरण कर दिए। लोगों की मेहनत की कमाई से मोदी ब्रदर्स रईसी जिंदगी जी रहा था। विदेशों में सैर-सपाटे पर जाते थे। महंगे होटलों में रूकते और महंगी गाडि़यों में घूमते थे।