शिविरा पंचाग में बदलाव प्रवेशोत्सव कार्यक्रम भी बदला ड्रॉप आउट बच्चों का होगा डोर टू डोर सर्वे
भीलवाड़ा जिले के राजकीय स्कूलों में इस बार प्रवेशोत्सव का आगाज जुलाई में स्कूल खुलने के साथ ही होगा। इसके लिए सरकार ने शिविरा पंचांग में बदलाव किया है।पहले राजकीय स्कूलों में नामांकन बढ़ाने को लेकर निजी विद्यालयों की तर्ज पर जुलाई के बदले मई से नए शिक्षण सत्र का आगाज कर प्रवेशोत्सव दो चरणों में मनाया जा रहा था। प्रवेशोत्सव में बदलाव के कारण सरकारी स्कूलों में इस साल भी नामांकन घटने की उम्मीद जताई जा रही है। क्योंकि निजी विद्यालयों में अप्रेल-मई में ही प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती है। इसके साथ ही निजी स्कूलों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को प्रवेश दिए जा रहे हैं तो वहीं सरकारी में 6 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही प्रवेश की अनुमति है।
नवीन शिक्षा सत्र जुलाई में
सरकारी स्कूलों में नया शिक्षा सत्र जुलाई में शुरू होगा, जबकि अधिकतर निजी विद्यालयों ने एक अप्रेल से अपना नया सत्र शुरू कर दिया है। ऐसे में राजकीय विद्यालयों को अपने नामांकन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी होगी। पिछले दो शिक्षा सत्रों में नामांकन में कमी दर्ज की गई। शिक्षा विभाग की ओर से प्रति वर्ष 10 प्रतिशत नामांकन वृद्धि का लक्ष्य रखा जाता है। इस वर्ष नामांकन लक्ष्य प्राप्त करना आसान नहीं रहेगा।
ग्रीष्मावकाश के बाद होंगे नए प्रवेश
राजकीय स्कूलों में कक्षा पांच की परीक्षा 7 से 16 अप्रेल तक चली तो आठवीं की परीक्षा 2 अप्रेल व राजस्थान बोर्ड की परीक्षाएं 9 अप्रेल तक चली। राज्य समान परीक्षा योजना के तहत कक्षा 9 व 11 की परीक्षा 24 अप्रेल से 8 मई तक आयोजित की गईं। वहीं दूसरी ओर कक्षा 6 एवं 7 की स्थानीय वार्षिक परीक्षाएं भी अप्रेल माह के अंतिम सप्ताह में प्रस्तावित की गईं थीं। इसके चलते ग्रीष्मावकाश के बाद नए प्रवेश होंगे।
मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान पहल के रूप में प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के तहत शिक्षा से वंचित, अनामांकित व ड्रॉप आउट बालक-बालिकाओं को डिजिटल प्रवेशोत्सव एप के माध्यम से डोर टू डोर सर्वे कर 3 से 18 वर्ष तक के समस्त बालक -बालिकाओं को विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रवेश दिलाया जा कर शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जाना है।