भीलवाड़ा

जिसको जीवन में मिला सत्संग उसे हर धड़ी आनंद ही आनंद

भीलवाड़ा. कथा सुनने मात्र से जीवन का मंगल एवं कल्याण हो जाता है भले ही वह कथा कैसे भी सुने। लोग कहते आपने कथा बहुत अच्छी लिखी पर हम तो रामकथा सुनाते मात्र है।

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Sep 22, 2022
जिसको जीवन में मिला सत्संग है उसे हर धड़ी आनंद ही आनंद

भीलवाड़ा. कथा सुनने मात्र से जीवन का मंगल एवं कल्याण हो जाता है भले ही वह कथा कैसे भी सुने। लोग कहते आपने कथा बहुत अच्छी लिखी पर हम तो रामकथा सुनाते मात्र है। लिख तो पहले ही गोस्वामी तुलसीदास महाराज गए है। संकट यहीं है हम पढ़ते तो है लेकिन समझते नहीं है। सरस रामकथा अतिशय सरल है जिसके श्रवण मात्र से प्राणी के कष्ट दूर हो जाते है। ये विचार कथावाचक प्रेमभूषण ने बुधवार को श्रीसंकट मोचन हनुमान मंदिर की ओर से श्री रामकथा सेवा समिति के तत्वावधान में चित्रकूटधाम में आयोजित नौ दिवसीय श्री रामकथा महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को कथावाचन करते हुए व्यक्त किए।

प्रेमभूषण के मुखारबिंद से श्रीराम कथा वाचन शुरू हुआ तो पूरा पांडाल भक्ति के रस में डूब गया। कथा सुनने के लिए धर्मनगरी भीलवाड़ा के भक्तगण इस कदर उमड़ पड़े कि पांडाल भी छोटा पड़ता नजर आया। कथा में दूसरे दिन भगवान शिव के विवाह से जुड़े प्रसंग का वाचन हुआ।
उन्होंने कहा कि हनुमानजी के आशीष और महंत बाबूगिरी के संकल्प से भीलवाड़ा में कथा सुनाने के लिए आए हैं। उन्होंने कहा कि धरती पर जितने प्राणी है सभी की अपनी-अपनी सहजावस्था है। मनुष्य में तीन स्थिति जब वह गुस्से में हो, अपने में न हो या व्याधिग्रस्त हो तब सहजावस्था प्रकट होती है। संशय जिसको होता है नुकसान उसी को होता है, जिसके प्रति संशय किया जा रहा होता है उसे तो कुछ पता ही नहीं होता है। संशय को जब तक अग्नि प्रवेश नहीं कराएंगे खत्म नहीं होता है। उन्होंने ‘‘जिसको जीवन में मिला सत्संग है हर घड़ी आनंद ही आनंद है’’ भजन गाया पूरा पांडाल में भक्ति का माहौल छा गया। भक्त अपने स्थान पर खड़े होकर नृत्य करने लगे।

सनातन धर्म की परम्पराओं व मान्यताओं के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि ये धर्म इतना विशाल है कि इसे एक जन्म में तो समझ ही नहीं सकते। इसे समझने के लिए सात जन्म चाहिए।
व्यास पीठ के समक्ष आरती

श्रीराम कथा सेवा समिति के संचालक पंडित अशोक व्यास ने बताया कि मंच पर कथा आयोजक संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरी भी उपस्थित थे। प्रेमभूषण के व्यास पीठ पर विराजित होने के बाद आरती करने वाले जजमानों में देवस्थान विभाग के संभागीय आयुक्त गौरव सोनी, राधाकिशन सोमानी, रमेशचन्द्र खोईवाल, हंसराज चौधरी, नीलम शर्मा, दिनेश शर्मा, राजेश बाहेती, संजय बाहेती, कैलाश सोनी, पवन पंवार, आशा रामावत, नवल भारद्धाज, कैलाश जीनगर, मनोज शर्मा, डॉ उमाशंकर पारीक शामिल थे।

Published on:
22 Sept 2022 08:47 am
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