
भीलवाड़ा. पुलिस लाइन का संतोषी माता मंदिर, संभवतया जिले का इकलौता माता का दरबार है, जहां पुलिसकर्मी ही पुजारी का काम करता है। सुबह-शाम पूजा के साथ ही मंदिर के रखरखाव का जिम्मा भी पुलिस का है। अमूमन मंदिरों में आरती के लिए अलग पंडितजी होते हैं लेकिन संतोष माता मंदिर में पूजा से लेकर मंदिर का रखरखाव भीलवाड़ा पुलिस ही देखती है।
इसके लिए बकायदा हैड कांस्टेबल की डयूटी लगा रखी है। दिलचस्प बात यह है कि मंदिर समिति का अध्यक्ष पुलिस अधीक्षक हैं। यहां बताते चलें कि जैसलमेर जिले के प्रसिद्ध तनोट माता मंदिर में पूजा सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान करते हैं।
57 साल पुराना, पुलिस ने ही कराई प्राण-प्रतिष्ठा
पुलिस लाइन परिसर स्थित संतोषी माता के मंदिर का निर्माण वर्ष 1965 के आसपास पुलिसकर्मियों ने ही किया था। तभी से इस मन्दिर में पुलिस विभाग ही पूजा एवं रखरखाव का जिम्मा निभा रहा है। यहां पुलिसकर्मी ही सुबह-शाम की आरती करते हैं। इसमें बड़ी संख्या में शहर के लोग आते हैं। इस मन्दिर की लोगों में काफी आस्था है। लोग यहां मन्नत का धागा भी बांधते हैं। विभाग ने हैड कांस्टेबल जमनालाल खारोल व महेश कुमार की ड्यूटी पूजा-अर्चना के लिए लगा रखी है। पुलिस विभाग का दावा है कि राजस्थान में ये एकमात्र मंदिर है, जिसमें पूजा-आरती से लेकर रखरखाव पुलिस करती है।
नवरात्र में बड़ी संख्या में आते श्रद्धालु
इस मंदिर में पुलिसकर्मियों की काफी आस्था है। यहां नवरात्र श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। अन्नकूट व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भी धूमधाम से मनाई जाती है। यहां सामान्य दिनों में दिन में दो बार पुलिसकर्मी माता रानी की आरती करते हैं। पुलिस विभाग ने दो पुलिसकर्मी नियुक्त कर रखे हैं।
नवरात्र की पूर्णाहुति पर कन्या पूजन
पुजारी हैड कांस्टेबल जमना लाल ने बताया कि नवरात्र में नियमित रूप से हवन एवं दुर्गासप्तशती पाठ हो रहे हैं। पूर्णाहुति पर बड़े स्तर पर कन्या पूजन व कन्या भोज कार्यक्रम होगा। वस्त्र वितरण भी होगा। इसमें पुलिस विभाग के साथ जिला प्रशासन के अधिकारी भी शामिल होंगे।