केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के निपुण भारत मिशन के तहत अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 3 के विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता की गहराई से जांच होगी। यह जानने के लिए कि बच्चे कितना पढ़ और समझ पा रहे हैं, मार्च 2026 में ‘फाउंडेशन लर्निंग स्टडी-2026’ का आयोजन किया जाएगा। राजस्थान स्कूल शिक्षा […]
केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय के निपुण भारत मिशन के तहत अब प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 3 के विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता की गहराई से जांच होगी। यह जानने के लिए कि बच्चे कितना पढ़ और समझ पा रहे हैं, मार्च 2026 में 'फाउंडेशन लर्निंग स्टडी-2026' का आयोजन किया जाएगा।
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने इसे लेकर कमर कस ली है। राज्य परियोजना निदेशक एवं आयुक्त अनुपमा जोरवाल ने इस संबंध में आदेश जारी कर सभी जिला और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य बच्चों के बुनियादी कौशल में सीखने की कमियों की पहचान करना है। मार्च में प्रस्तावित इस सर्वे में कक्षा 3 के विद्यार्थियों का वन-ऑन-वन टेस्ट लिया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से मौखिक भाषा एवं सुनकर समझने की क्षमता। ध्वनि जागरूकता और अक्षरों या शब्दों को डिकोड करना। धाराप्रवाह पठन और पढ़कर समझने का कौशल। बुनियादी गणितीय कौशल आदि बिंदुओं पर फोकस रहेगा।
सर्वे की तैयारियों के आमुखीकरण और समीक्षा के लिए शुक्रवार को सुबह 11से दोपहर 2 बजे तक वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इसमें आरएससीईआरटी निदेशक, सभी जिला शिक्षा अधिकारी, डाइट प्रिंसिपल, सीबीईओ और पीईईओ स्तर तक के अधिकारी जुड़ेंगे।
फाउंडेशन लर्निंग स्टडी-2026 उन क्षेत्रों की पहचान करेगा जिन पर नीतिगत हस्तक्षेप और संसाधन आवंटन में अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। अधिकारियों को पूर्ण तैयारी के साथ वीसी में जुड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
रामेश्वर प्रसाद जीनगर, कार्यवाहक डीईओ भीलवाड़ा