केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में भले ही प्रत्यक्ष करों की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन करदाताओं को प्रक्रियात्मक नियमों में बड़ी राहत दी है। अब 31 जुलाई को रिटर्न भरने की आपाधापी का सामना नहीं करना पड़ेगा। ऐसी इकाइयां और प्रोफेशनल्स, जिनकी आय 2 करोड़ रुपए से कम है […]
केंद्र सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में भले ही प्रत्यक्ष करों की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन करदाताओं को प्रक्रियात्मक नियमों में बड़ी राहत दी है। अब 31 जुलाई को रिटर्न भरने की आपाधापी का सामना नहीं करना पड़ेगा। ऐसी इकाइयां और प्रोफेशनल्स, जिनकी आय 2 करोड़ रुपए से कम है और जिनका ऑडिट नहीं होता है, वे अब 31 अगस्त तक अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर सकेंगे।
यह जानकारी जयपुर के वरिष्ठ आयकर विशेषज्ञ पीसी.परवाल ने मेवाड़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से आयोजित बजट समीक्षा वेबीनार में दी। उन्होंने बताया कि रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि को भी 31 दिसंबर से तीन माह आगे बढ़ा दिया गया है, जो करदाताओं के लिए एक बड़ा अवसर है।
वेबीनार की शुरुआत में चैम्बर अध्यक्ष अनिल मिश्रा ने मुख्य वक्ता पीसी.परवाल और प्रतिभागियों का स्वागत किया। महासचिव आरके जैन ने संचालन किया। वेबिनार में भीलवाड़ा, कांकरोली, चित्तौड़गढ़ और बांसवाड़ा की विभिन्न इकाइयों के वित्तीय अधिकारी, सीए और सीएस शामिल हुए।