The summer season of March is now on mango मार्च माह की भीषण गर्मी का सितम अब शहर में फलों के शौकीन लोगों को झेलना पड़ रहा है। तेलांगना,आंध्रप्रदेश एवं गुजरात में बदले मौसम की सर्वाधिक मार फलों के राजा आम पर गिरने से शहर में गत वर्ष के मुकाबले आम की आवक इस बार बीस फीसदी भी नहीं हो सकी है। हालात यह है कि खास किस्म के आमों के दाम भी चढ़े हुए है।
भीलवाड़ा। मार्च माह की भीषण गर्मी का सितम अब शहर में फलों के शौकीन लोगों को झेलना पड़ रहा है। तेलांगना,आंध्रप्रदेश एवं गुजरात में बदले मौसम की सर्वाधिक मार फलों के राजा आम पर गिरने से शहर में गत वर्ष के मुकाबले आम की आवक इस बार बीस फीसदी भी नहीं हो सकी है। हालात यह है कि खास किस्म के आमों के दाम भी चढ़े हुए है। The summer season of March is now on mango
जिले में आम की बड़ी खेप की आवक तेलांगना,आंध्रप्रदेश एवं गुजरात से होती है। मार्च में ही आमों की आवक शुरू हो जाती है और अप्रैल में मांग कई गुणा तक बढ़ जाती है, लेकिन इस बार आम की हालत बिगड़ी हुई है। The summer season of March is now on mango
तीनों राज्यों से गत वर्ष अप्रैल में रोजाना सौ मैट्रिक टन की आवक हो रही थी, लेकिन इस माह यह आवक महज से दस से बारह टन ही रह गई है। आवक कम होने से थोक भावों में उछाल आया है, लेकिन बाजार में जो आम बिक रहा है, उसका स्वाद शौकीनों की जुबान पर नहीं चढ़ पा रहा है। The summer season of March is now on mango
बादाम, हापूस व केसर में नुकसान
थोक व्यापारी ओमप्रकाश टिक्याणी बताते है कि इस साल मार्च में प्रचंड गर्मी का दौर रहा। सर्वाधिक मार आम की किस्में बादाम, हापूस व केसर पर पड़ी। यह आम समय पर पक नहीं पाए और ग्रोथ भी नहीं मिली, ऐसे में तेलांगना व आंध्रा में बादाम की उपज को काफी नुकसान हुआ। इसी प्रकार गुजरात में केसर की उपज भी प्रभावित हुई। तीनों ही राज्यों से आम की आवक अभी नाममात्र की है। लंगड़ा दशहरी की आवक भी जून में ही हो सकेगी। The summer season of March is now on mango