मांग की आपूर्ति को लेकर चिकित्सा विभाग परेशान, 18 हजार डोज लगी
भीलवाड़ा।
कोरोना की तीसरी लहर के समाचार लगातार सुनने को मिल रहे है। महाराष्ट्र के बाद राजस्थान में भी दस्तक देने के बाद अब वैक्सीन लगाने वालों की लम्बी कतारे देखने को मिल रही है। इसके कारण चिकित्सा विभाग के सामने इसे संभालना मुश्किल काम हो रहा है। एक तरफ चिकित्सा विभाग के पास वैक्सीन की भारी किल्लत चल रही है वही कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए ४५ प्लस के लोग अपना दूसरी डोज लगाने के लिए सेन्टरों पर पहुंच रहे है। हालांकि पहले लोग वैक्सीन लगवाने के लिए झिझक रहे थे। भीलवाड़ा जिले में मांग बढऩे के बाद चिकित्सा विभाग के अधिकारी खासे परेशान है।
कोरोना की वैक्सीन तो आ गयी मगर दहशत और अव्यवस्था खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। कुछ दिनों पहले तक जहां लोग कोरोना की वैक्सीन लगवाने में झिझक रहे थे, वहीं अब वैक्सीन के लिए अस्पतालों के सामने लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। सोमवार को बापूनगर स्थित ईएसआई चिकित्सालय व एमजीएच के सामने वैक्सीन के लिए लंबी कतारें देखी गईं। लोग वैक्सीन के लिए सुबह से ही कतारों में खड़े दिखे। २-२ घंटे के इंतजार के बाद लोगों को वैक्सीन मिली। वैक्सीन जब निकली तो उस समय कोरोना के मामले काफी थे और वैक्सीन लगाने को लेकर लोगों में झिझक भी थी। हालांकि कोरोना के मामले कम होने के साथ ही वैक्सीन की मांग भी तेजी से बढ़ी। लेकिन राजस्थान सरकार भीलवाड़ा को प्रर्याप्त मात्रा में वैक्सीन नहीं दे रही है। इसके कारण जिले में अपनी क्षमता के आधार पर भी टीके नहीं लग पा रहे है। आरसीएचओ डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि जिले में लगभग एक लाख डोज लगाने की क्षमता है, लेकिन अभी जिले को मात्र २० से २५ हजार से भी कम डोज मिल रही है। इसके कारण सेन्टरों पर लम्बी कतारे लग रही है। इनमें भी ४५ प्लस की दूसरी डोज वालों की संख्या कई ज्यादा है।
शर्मा ने बताया कि शहर में आठ सेन्टरों पर १६ हजार से अधिक लोगों के टीके लगाए गए है। अब विभाग के पास मात्र १५०० डोज शेष बची है। इसके चलते अब मंगलवार को केवल ४५ प्लस वालों के ही टीकाकरण किया जाएगा। इसके लिए दो सेन्टर एमजीएच व राजीव गांधी ऑडिटोरियम को बनाया गया है।