भीलवाड़ा

जेल में तीसरी आंख धुंधलाई, बंदी नहीं चाहते उन पर रहे नजर

प्रदेश में जेलों से बंदियों के भागने की बढ़ती घटना से परेशान जेल प्रशासन तीसरी आंख को मजबूत करना चाहता है। लेकिन बंदियों को उन पर रखी जा रही नजर नहीं भा रही। यहीं वजह है कि आठ साल पूर्व लाखों की लागत से नगर विकास न्यास की ओर से जिला कारागार में लगाए गए १६ कैमरों का तीया-पांचा हो गया। सभी कैमरे खराब हो गए। अब जेल मुख्यालय की ओर से लगाए गए २५ कैमरे लगाकर बंंदियों पर नजर रखी गई
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Updated: 1 Jul 2021, 10:16 AM IST
Third eye blurred in jail, prisoners do not want to keep an eye on the
Third eye blurred in jail, prisoners do not want to keep an eye on the

भीलवाड़ा. प्रदेश में जेलों से बंदियों के भागने की बढ़ती घटना से परेशान जेल प्रशासन तीसरी आंख को मजबूत करना चाहता है। लेकिन बंदियों को उन पर रखी जा रही नजर नहीं भा रही। यहीं वजह है कि आठ साल पूर्व लाखों की लागत से नगर विकास न्यास की ओर से जिला कारागार में लगाए गए १६ कैमरों का तीया-पांचा हो गया। सभी कैमरे खराब हो गए। अब जेल मुख्यालय की ओर से लगाए गए २५ कैमरे लगाकर बंंदियों पर नजर रखी गई लेकिन इनमें दस कैमरे बंद हो गए। इससे जेल प्रशासन परेशान है।

बैरक सबसे ज्यादा प्रभावित
जिला कारागार में बैरक में लगे सीसी कैमरे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। खराब होने की संख्या इनकी ज्यादा है। जेल प्रशासन का मानना है कि बंदी नहीं चाहते कि चौबीस घण्टे उन पर तीसरी आंख के जरिए निगरानी हो। यहीं वजह है कि बैरकों के कैमरे ज्यादातर खराब होते है।

जरूरी इसलिए: स्टाफ की कमी, निगरानी सम्भव नहीं
उधर, जेल प्रबंधकों का मानना है कि प्रदेश में प्रहरियों की संख्या पर्याप्त नहीं है। चौबीस घण्टे बंदियों पर प्रहरी निगरानी नहीं रख सकते। बदलते तौर में तीसरी आंख ही कारगर उपाय है। जेल प्रशासन ने भी २५ कैमरे लगाकर पूरे जिला कारागार को तीसरी आंख की जद में लिया।

इनका कहना है
पूर्व में लगाए गए सभी कैमरे खराब हो गए। जेल मुख्यालय की ओर से जिला कारागार में २५ कैमरे लगाए गए है। इनमें से दस बंद पड़े है। इनकी जल्दी ही मरम्मत करवाई जाएगी।

- प्रमोदसिंह, जेल उपाधीक्षक, जिला कारागार

Updated on:
1 Jul 2021, 10:16 AM IST
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