अग्रवाल उत्सव भवन में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान सप्ताह के तीसरे दिन संत दिग्विजयराम ने कहा कि कलयुग में माता-पिता की संपत्ति पर अधिकार जताने वाले उनकी सेवा करना भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु नाम के सुमिरन से पाप, ताप और संताप मिट जाते हैं तथा जीवन में संतोष प्राप्त होता है। […]
अग्रवाल उत्सव भवन में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान सप्ताह के तीसरे दिन संत दिग्विजयराम ने कहा कि कलयुग में माता-पिता की संपत्ति पर अधिकार जताने वाले उनकी सेवा करना भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु नाम के सुमिरन से पाप, ताप और संताप मिट जाते हैं तथा जीवन में संतोष प्राप्त होता है। कथा में ध्रुव चरित्र, प्रह्लाद प्रसंग व जड़भरत संवाद का वाचन हुआ। संतों के सानिध्य में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। गुरुवार को कथा स्थल पर श्रीकृष्ण जन्म एवं नंदोत्सव का आयोजन होगा, जिसमें रासलीला की प्रस्तुति दी जाएगी।
कथा में संत दिग्विजयराम ने सनातन एकता का संदेश देते हुए कहा कि जाति पाति की करो विदाई हम सब हिन्दू भाई-भाई। हम घटेंगे या बटेंगे तो कटना पड़ेगा। सभी सनातनी गर्व से कहें कि हम हिन्दू है। अपने बच्चों को भी अपने धर्म ओर संस्कृति से जोड़ना होगा। हिन्दू सम्मेलन सनातनियों को जोड़ने ओर एकजुट करने का प्रयास है।
श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन भागवत कथा श्रवण के साथ श्रद्धालुओं को कई संत दर्शन का भी सौभाग्य मिला। मंच पर भीलवाड़ा के हरिशेवा उदासीन आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन, संकटमोचन हनुमान मंदिर के महन्त बाबूगिरीजी महाराज, आलोटा से रामस्नेही संत मनोरथरामजी महाराज आदि संतों का सानिध्य मिला। संतों ने व्यास पीठ पर विराजित संत दिग्विजयरामजी महाराज का अभिनंदन किया तो उन्होंने भी कथा में पधारे संतों को स्वागत किया। तोषनीवाल परिवार की ओर से भी संतों का अभिनंदन किया गया। तीसरे दिन की कथा विश्राम पर व्यास पीठ की आरती तोषनीवाल परिवार के सदस्यों एवं श्रद्धालुओं ने की। कथा के शुरू में श्रद्धालुओं द्वारा भागवतजी की आरती की गई। मंच संचालन पंडित अशोक व्यास ने किया। श्रीमद भागवत कथा महोत्सव परिसर में सात दिवसीय महामंगलकारी पंच कुण्डीय श्री विष्णु महायज्ञ सुबह 8 से दोपहर 12.30 बजे तक ज्ञायिक रत्न आचार्य पंडित गौरीशंकर शास्त्री एवं वैदिक विद्धानों के तत्वावधान में जारी है। इस यज्ञ में प्रतिदिन अलग-अलग जजमान शामिल होकर सर्व मंगल एवं सुख शांति की कामना से आहुति दे रहे है। श्रीमद् भागवत कथा का वाचन प्रतिदिन दोपहर दो से शाम 6 बजे तक हो रहा है। कथा में चौथे दिन गुरूवार को श्री कृष्ण जन्म नंदोत्सव प्रसंग का वाचन होगा।