एक नवंबर से होगा बदलाव, 31 मार्च 2025 तक जमा कराना होगा टैक्स
जीएसटी नियम लागू होने के बाद से अब तक कई बार इसमें संशोधन हो चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक कुछ अटपटे नियमों के कारण कई बार व्यापारियों को समस्या का सामना करना पड़ता है। सात साल पहले लागू हुए जीएसटी नियम के शुरुआती दौर में व्यापारियों से टैक्स की गिनती, रिटर्न फाइल करने और रिफंड आदि में गलती हुई थी और उन्हें नोटिसों का सामना करना पड़ा था। कई व्यापारी अभी भी उन मामलों में उलझे पड़े हैं। कई व्यापारी संगठनों ने इस बारे में काउंसिल से गुहार लगाकर ब्याज और पेनल्टी में छूट की भी मांग की थी जो कि अब मान ली गई है। आगामी एक नवंबर से एमनेस्टी स्कीम लागू होगी। इसमें करदाताओं को राहत मिलेगी। इसमें सेक्शन 73 के तहत मिले नोटिसों मे राहत मिलेगी। जीएसटी विभाग के अनुसार, एक जुलाई 2017 से पूरे देश में जीएसटी का नियम लागू हो गया था। व्यापारियों और सीए के लिए यह नियम नया होने के कारण उसे समझने में देर लगी।
कोरोना के समय के कई मामले
कोरोना के दिनों में भीलवाड़ा सहित देशभर के हजारों व्यापारी समय पर रिटर्न फाइल नहीं कर पाए थे। इसके चलते उनके खिलाफ ब्याज और पेनल्टी की बड़ी रकम की जिम्मेदारी बनी है। इस योजना के चलते ऐसे व्यापारियों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। एक नवंबर से लागू होने वाली एमनेस्टी स्कीम के तहत करदाता 31 मार्च 2025 तक टैक्स भर कर पेनल्टी माफ करवा सकते हैं।
हजारों व्यापारियों को मिलेगा छूट
सरकार की ओर से जारी किए नए नियमों के चलते बड़ी संख्या में व्यापारियों को लाभ मिलेगा। सेक्शन 73 के तहत आने वाले तमाम मामलों में व्यापारियों को ब्याज और पेनल्टी से मुक्ति मिलेगी। वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19, 2019-20 लिए यह नियम लागू होगा। करदाताओं को 31 मार्च 2025 तक टैक्स की रकम चुकानी होगी।
बड़ी संख्या में व्यापारियों ने की थी गलती
कई व्यापारियों ने गलती से अधिक रिफंड ले लिए और खरीदी-बिक्री के रिटर्न में भी आंकड़े स्पष्ट नहीं बताए थे। इनके अलावा भी कई मामले बनने से विभाग की ओर व्यापारियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर डिमांड नोटिस भेजे गए थे। इसमें पेनल्टी भी शामिल थी। इसे लेकर व्यापारी संगठनों ने गुहार लगाई थी। इसे ध्यान में रखते हुए मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस ने एमनेस्टी स्कीम पर मुहर लगाई है। इस नियम के तहत वित्तीय वर्ष 2017 से 2020 के मामलों में ब्याज और पेनल्टी माफ की जाएगी। हालांकि इस नियम का लाभ वही करदाता ले सकेंगे जो समय पर टैक्स भरते हो और जिनके खिलाफ रिफंड आदि का कोई मामला न बना हो। करदाता 31 मार्च 2025 तक टैक्स भर कर योजना का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए अलग से फार्म नोटिफाई किए हैं।