भानुप्रतापसिंह हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त गैंगस्टर शिवराज सिंह की न्यायालयने तीन घंटे की अंतरिम जमानत मंजूर की है
भीलवाड़ा।
भानुप्रतापसिंह हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त गैंगस्टर शिवराज सिंह की भीलवाड़ा के अपर सेशन न्यायालय संख्या-तीन (एडीजे कोर्ट) ने तीन घंटे की अंतरिम जमानत मंजूर की है। इस तीन घंटे की समयावधि में गैंगस्टर सिंह कोटा में 24 जून को दोपहर तीन से शाम छह बजे के बीच दिवंगत काका के पगड्डी दस्तूर कार्यक्रम में शामिल हो सकेगा। वह किसी अन्य मामले में अभी भरतपुर की सेवर जेल में बंद है। उसे कोटा स्थित विज्ञाननगर लाया जाएगा।
अपर लोक अभियोजक श्याम लाल गुर्जर ने बताया कि बंदी शिवराज सिंह की तरफ से 18 जून को न्यायालय में अंतरिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र पेश हुआ था। इसमें बताया गया था कि कोटा में उसके चाचा का निधन हो गया है। उनकी नौंवी के कार्यक्रम व पगड्डी दस्तूर में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत दी जाए। एडीजे कोर्ट ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए केवल पगड्डी दस्तूर में शामिल होने के लिए 24 जून को दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे तक के लिए कुल तीन घंटे की अंतरिम जमानत दी। कोर्ट ने सेवर जेल प्रशासन को कड़ी सुरक्षा में याचिकाकर्ता को लाने और जाने के आदेश दिए है।
सात साल पुराना मामला
गैंगस्टर शिवराज सिंह आदि पर आरोप है कि उसने साथियों के साथ 19 अप्रेल 2011 को योजनाबृद्ध तरीके से कोटा के गैंगस्टर भानुप्रताप सिंह व उसके साथियों को उदयपुर जेल से झालावाड़ में पेशी पर ले जाते समय पर बिजौलियां में हमला किया था। इस दौरान हुई फायरिंग में भानूप्रताप सिंह मारा गया जबकि दो पुलिस कर्मी शहीद हो गए। इस मामले में पुलिस ने शिवराज सिंह समेत 17 जनों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।