
भीलवाड़ा।
राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण एजेंसी पालड़ी (भीलवाड़ा) में पल रहे शिशु शिवा, शिवी और नंदिनी को मां के आंचल का बेसब्री से इंतजार है। एजेंसी ने अब इन्हें गोद देने की तैयारी शुरू कर दी है।इस बारे में विज्ञप्ति जारी कर एक माह में लिखित में दावा व आपत्ति मांगी गई है ताकि गोद देने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। शिवा जहां भीलवाड़ा के वर्धमान कॉलोनी में लावारिस मिला था तो शिवी को कोई महात्मा गांधी जिला अस्पताल के पालना गृह में छोड़ गया था।
इसी तरह नंदिनी को बाल कल्याण समिति ने एजेंसी को था। पालड़ी में दत्तक संस्थान खुलने के बाद से जिला बाल संरक्षक ईकाई 12 बालिकाओं समेत 22 बच्चों को इच्छुक दंपतियों को गोद दे चुकी है। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष सुमन त्रिवेदी ने बताया कि 2015 से पहले मिले शिशुओं को भीलवाड़ा जिले में ही गोद दिया। 2016 के बाद से प्रदेश के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश के दंपत्तियों ने भी शिशु गोद लिए।
एकल माता-पिता भी ले सकते हैं गोद
एजेंसी से लोग बच्चे को गोद भी ले सकते है। किशोर न्याय अधिनियम 2000 के अंतर्गत अनाथ बच्चों को गोद लिया जा सकता है। गोद लेने वाले माता-पिता की आय का उचित और नियमित स्त्रोत होना चाहिए। दंपति में किसी को भी गंभीर बीमारी न हो, आपराधिक रिकार्ड नहीं हो। एकल माता-पिता भी बच्चा गोद ले सकते है।
ऑनलाइन पंजीकरण
गोद लेने के लिए डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट पीएआरए डॉट एनआइसी डॉट इन पर पंजीकरण कराना होता है। दत्तक ग्रहण एजेंसी ग्रहण की पूर्ण जानकारी देकर आपकी आशंकाओं को दूर करेगी। एजेंसी कार्यकर्ता घर जाकर सामाजिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि का आकलन करेंगे। इसके बाद एजेंसी एक योग्य बच्चे को चिन्हित कर आपको स्वीकृति के लिए देगी तथा कानूनी कार्रवाई पूर्ण कराएगी।