हाइवे पर परिवहन विभाग की ओर से अवैध वसूली बदस्तूर जारी है। चित्तौड़गढ़ राजमार्ग पर हजारी खेड़ा के निकट परिवहन दस्ते के अवैध वसूली के कारण लापरवाही से गाड़ी रोकने पर तीन वाहन आपस में भिड़ गए। इससे हाइवे पर जाम लग गया। तीन चालक जख्मी हो गए। उन्हें महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दुर्घटना में एक ट्रक का कैबिन बुरी तरह पिचक गया। दुर्घटना के बाद परिवहन दस्ता घायलों की मदद की बजाए मौके से भाग गया।
हाइवे पर परिवहन विभाग की ओर से अवैध वसूली बदस्तूर जारी है। चित्तौड़गढ़ राजमार्ग पर हजारी खेड़ा के निकट परिवहन दस्ते के अवैध वसूली के कारण लापरवाही से गाड़ी रोकने पर तीन वाहन आपस में भिड़ गए। इससे हाइवे पर जाम लग गया। तीन चालक जख्मी हो गए। उन्हें महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दुर्घटना में एक ट्रक का कैबिन बुरी तरह पिचक गया। दुर्घटना के बाद परिवहन दस्ता घायलों की मदद की बजाए मौके से भाग गया। परिवहन विभाग की करतूत से ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन में गुस्सा है।
हजारी खेड़ा के निकट परिवहन विभाग का दस्ता अवैध वसूली में लगा था। इस दौरान ट्रकों को लापरवाही पूर्वक दस्ते ने रोका। इससे पीछे आ रहे एक के बाद एक तीन ट्रक आपस में भिड़ गए। सबसे पीछे आ रहे ट्रक का कैबिन पूरी तरह पिचक गया। इससे अजमेर जिले का हीरापुरा निवासी चालक रामसिंह कैबिन में फंस गया तथा हाइवे पर जाम लग गया। सूचना पर 108 एम्बुलेंस का पायलट प्रभु प्रजापत टीम के साथ वहां पहुंचे। इस दौरान पुर थाना पुलिस भी पहुंच गई। क्रेन मंगवा कर आपस में फंसे ट्रकों को एक घंटे मशक्कत कर अलग करके घायल रामसिंह समेत तीन जनों को एमजीएच ले जाया गया।
शर्मसार विभाग, मदद की बजाए दस्ता भागा
घटना के बाद घायलों को निकालने में मदद करने की बजाए परिवहन विभाग दस्ता मौके से भाग गया। इससे ट्रक चालकों में आक्रोश पैदा हो गया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे करके यातायात सुचारू करवाया। एक घंटे तक हाइवे पर जाम की िस्थति रही। वाहनों की लम्बी कतार लग गई।
ना ठिकाना एक, ना सुरक्षा के साधन का उपयोग
परिवहन विभाग की ओर से अवैध वसूली के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। एक माह पूर्व भी ट्रक को रोकने के चक्कर में टे्लर और ट्रक में भिडंत के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गए। आक्राेशित चालकों ने जाम लगा दिया था। वहीं कई चालक हादसे में जान तक गंवा चुके हैं। परिवहन विभाग के दस्ते में शामिल कई गार्ड की वाहनों को रोकने के प्रयास में कुचलने से मौत हो गई। विभाग की ओर से चैकिंग का एक ठिकाना नहीं है। ना ही बेरीकेट लगाकर वाहनों को रोका जाता।
इनका कहना है
भीलवाड़ा परिवहन विभाग हाइवे पर चौथ वसूली करता है। वाहन के शोेरूम से उठते ही कागज ऑनलाइन हो जाते हैं। ऐसे में जांच का क्या औचित्य। भीलवाड़ा में विभाग की बदौलत लगातार हादसे हो रहे है। परिवहन दस्ते के खिलाफ हत्या में मामला दर्ज होना चाहिए।
- विश्वबंधुसिंह, अध्यक्ष, गुडस ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन