भीलवाड़ा

कुवाड़ा के 30 एमएलडी एसटीपी के उपचारित जल का प्रोसेस व बॉयलर में होगा उपयोग

प्रदूषण नियंत्रण मंडल की बड़ी पहल; 30 अप्रेल तक मांगी मास्टर प्लान की विस्तृत रिपोर्ट
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Apr 09, 2026
Treated water from Kuwara's 30 MLD STP will be used in process and boilers.
कुवाड़ा के 30 एमएलडी एसटीपी के उपचारित जल का प्रोसेस व बॉयलर में होगा उपयोग

औद्योगिक इकाइयों में पानी की भारी मांग को पूरा करने और जल संरक्षण की दिशा में राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने एक अहम कदम उठाया है। कुवाड़ा स्थित 30 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले उपचारित अपशिष्ट जल को अब कपड़ा प्रोसेसिंग और बॉयलर फीड में इस्तेमाल करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इसके लिए बकायदा उद्योग सदस्यों की एक विशेष समिति का गठन कर कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया गया है।

प्रदूषण नियंत्रण मंडल कार्यालय में क्षेत्रीय अधिकारी दीपक धनेटवाल के मार्गदर्शन में आयोजित बैठक में इस प्रोजेक्ट को लेकर ब्लूप्रिंट तैयार किया गया। यह कदम न केवल उद्योगों के लिए जल संकट का समाधान बनेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा।

उद्योग जगत के दिग्गजों ने किया मंथन

समिति के समन्वयक कन्हैयालाल कुमावत ने बताया कि इस बैठक में शहर की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में शुभलक्ष्मी प्रोसेस से सुखदेव शर्मा, सोना से आनंद भाटी, बीएसएल से रामदयाल जाट और सांवरिया टेक्सटाइल से अरविंद कुमार मौजूद रहे। इसके अलावा तकनीकी और ऊर्जा सलाहकार के रूप में डिजायर एनर्जी से अक्षय माथुर, कृति गुप्ता और ओमप्रकाश शर्मा ने भी चर्चा में भाग लिया।

गुणवत्ता पर फोकस

उपचारित पानी को सीधे मशीनों में उपयोग करने से पहले उसकी गुणवत्ता और मशीनों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर समिति ने पूरी सतर्कता बरती है। बॉयलर फीड में उपचारित पानी और विशिष्ट पैरामीटर्स के साथ आरओ पानी की उपयुक्तता को बारीकी से जांचने के लिए थर्मैक्स जैसी तकनीकी विशेषज्ञ कंपनियों से परामर्श करने का निर्णय लिया गया है। कपड़े की प्रोसेसिंग में इस पानी के उपयोग से कपड़े की गुणवत्ता पर कोई असर न पड़े, इसके लिए भी अलग से तकनीकी विशेषज्ञों की राय ली जाएगी।

कलक्टर को सौंपी जाएगी अंतिम रिपोर्ट

प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों ने डिजायर एनर्जी कंपनी को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे सभी तकनीकी और वित्तीय पहलुओं को समाहित करते हुए 30 अप्रेल से पहले अपनी विस्तृत अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करें। डिजायर कम्पनी से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद इसे जिला कलक्टर के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। कलक्टर की मंजूरी और उनके दिशा-निर्देशों के आधार पर ही इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
09 Apr 2026 10:34 am
Published on:
09 Apr 2026 10:34 am