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बेटियां सिर्फ पिता और पति के घर ही सुरक्षित, उन्हें शास्त्र के साथ शस्त्र भी सिखाएं- प्रदीप मिश्रा

भीलवाड़ा में शिव महापुराण कथा का आगाज; 'बेटी पढ़ाओ' के साथ 'बहू पढ़ाओ' का दिया नया नारा

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Daughters are safe only in the homes of their father and husband, teach them weapons along with scriptures - Pradeep Mishra

बेटियां सिर्फ पिता और पति के घर ही सुरक्षित, उन्हें शास्त्र के साथ शस्त्र भी सिखाएं- प्रदीप मिश्रा

वर्तमान परिदृश्य में जहां बेटियों की सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है, वहीं प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले ) ने एक बड़ा और बेबाक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आज के समय में बेटियां केवल दो ही जगह पर पूरी तरह सुरक्षित हैं पहला अपने पिता के घर और दूसरा अपने पति के घर। यह बात उन्होंने बुधवार को मेडिसिटी ग्राउंड में शिव महापुराण कथा के पहले दिन व्यासपीठ से कही। संकट मोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरी और शहर विधायक अशोक कोठारी के सानिध्य में शुरू हुए इस कथा में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पूरा पंडाल हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।

कथा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं, विशेषकर महिलाओं को संबोधित करते हुए पंडित मिश्रा ने बेटियों की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात को देखते हुए बेटियों को केवल किताबी ज्ञान देना काफी नहीं है। बेटियों को शास्त्र पढ़ाने और सिलाई-कढ़ाई के अलावा आत्मरक्षा के लिए तलवार, डंडे और गोली चलाना भी सिखाएं। बेटियों को शिक्षा के साथ इतना सशक्त और बलवान बनाएं कि वे हर विपरीत स्थिति का डटकर सामना कर सकें।

सरकार कहती है बेटी पढ़ाओ, हम कहते हैं बहू पढ़ाओ

कथावाचक ने समाज की पुरानी मानसिकता पर प्रहार करते हुए एक नया विचार रखा। उन्होंने कहा कि सरकार का नारा है बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, लेकिन हम कहते हैं कि केवल बेटी ही नहीं, घर की बहू को भी पढ़ाओ और देश बढ़ाओ। उन्होंने मातृशक्ति की महत्ता को इतिहास के पन्नों से जोड़ते हुए कहा कि अगर आप बहू को पढ़ाएंगे, तो वह न केवल आगे बढ़ेगी, बल्कि आपके आने वाले बच्चों का नया इतिहास भी गढ़ेगी। अगर मां जीजाबाई जैसी होगी, तभी उनकी गोद में छत्रपति शिवाजी जैसे वीर खेलेंगे। मां कौशल्या जैसी होगी तो राम आंगन में खेलेंगे और यशोदा-देवकी जैसी मां होंगी तो श्रीकृष्ण जन्म लेंगे। शहर विधायक अशोक कोठारी ने भी संबोधित किया। पंडित मिश्रा ने ओम नम: शिवाय के महामंत्र से कथा का श्रीगणेश किया।

पंडित मिश्रा ने भगवान शिव पर एक लोटा जल, बिल्वपत्र और शहद चढ़ाने की महिमा का बखान किया। उन्होंने व्यासपीठ से छह भक्तों के पत्र पढ़कर सुनाए। इसमें मंजू कंवर, प्रतापगढ़ के महेश्वर सिंह, चित्तौड़गढ़ की मंजू साहू, उदयपुर से सुमन कंवर, भीलवाड़ा से प्रमिला कलाल और दिव्यांशी सोनी के पत्रों का वाचन किया।

आरती के साथ समापान

व्यास पीठ पर विराजित पंडित मिश्रा का महंत बाबूगिरी, हाथीभाटा आश्रम के महंत संतदास ने अभिनन्दन किया। कथा का समापन आरती के साथ हुआ। इसमें सांसद दामोदर अग्रवाल, विधायक अशोक कोठारी, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, जीतो के वाइस प्रेसीडेन्ट महावीरसिंह चौधरी, कालूलाल गुर्जर, रामप्रकाश बहेडिया, सुनील जागेटिया मौजूद रहे। वेद विद्यालय के बटुक छात्रों ने भी कथा श्रवण किया। कई महिलाएं श्रद्धालुओं को चॉकलेट, टॉफी, केले, पानी व बिस्किट बांट रही थी। लोगों ने पांडाल के बाहर भी एलईडी लगाने की मांग की है।