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भीलवाड़ा डेयरी: बिना अध्यक्ष पहली बार कार्यकाल आज पूरा, 10 अप्रेल से कलक्टर होंगे प्रशासक !

Bhilwara Dairy: Term ends today for the first time without a chairman, Collector will be the administrator from April 10!

भीलवाड़ा डेयरी: बिना अध्यक्ष पहली बार कार्यकाल आज पूरा, 10 अप्रेल से कलक्टर होंगे प्रशासक !

भीलवाड़ा जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ के इतिहास में यह पहला मौका है जब डेयरी बोर्ड बिना किसी अध्यक्ष के अपना कार्यकाल पूरा करने जा रहा है। 9 अप्रेल को संचालक मंडल का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। इसके बाद 10 अप्रेल से भीलवाड़ा जिला कलक्टर डेयरी प्रशासक का कार्यभार संभालेंगे। उधर, कुछ लोग चुनाव को लेकर राजस्थान उच्च न्यायालय में जाने की तैयारी भी कर रहे हैं।

निदेशकों के भरोसे लिए गए अहम निर्णय

इस दौरान कामकाज चलाने के लिए बोर्ड की जब भी बैठकें हुईं, तो उपस्थित निदेशकों में से ही किसी एक को बैठक का अध्यक्ष बनाकर विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णय पारित करवाए गए।

मतदान का अजीब गणित: हजारों जुड़े हैं, पर वोटर मात्र 200

जिले भर की 1200 दुग्ध समितियां डेयरी की सदस्य हैं और करीब 60 हजार पशुपालक सीधे तौर पर इसके नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। लेकिन जब 11 सदस्यीय संचालक मंडल को चुनने का समय आता है, तो मतदान का अधिकार मात्र 200 सदस्यों के पास ही रहता है। यही चुनिंदा सदस्य पूरे जिले की डेयरी का भविष्य तय करते हैं।

रामलाल जाट के इस्तीफे के बाद नहीं हुए चुनाव

डेयरी के बोर्ड पर नजर डालें तो 1972 में पहली बार जगदीश राम शर्मा की प्रशासक के रूप में नियुक्ति हुई थी। तब से लेकर 9 अप्रेल 2026 तक के सफर में 18 बार प्रशासक, एक बार मनोनीत अध्यक्ष और 6 बार निर्वाचित अध्यक्ष ने कमान संभाली है। निर्वाचित अध्यक्षों में से 4 बार रामलाल जाट ने अपना कार्यकाल पूरा किया। पांचवीं बार अध्यक्ष चुने जाने के बाद राजस्व मंत्री बनने पर पद से त्यागपत्र दे दिया। इस्तीफे के बाद से डेयरी में नए अध्यक्ष का चुनाव नहीं हुआ और कुर्सी खाली रही।

ऐसे खाली हुई थी कुर्सी

8 अप्रेल 2021 को संचालक मंडल के चुनाव हुए थे और 10 अप्रेल 2021 को रामलाल जाट चेयरमैन निर्वाचित हुए। लेकिन यह खुशी ज्यादा दिन नहीं टिकी। 21 नवंबर 2021 को रामलाल जाट ने प्रदेश सरकार में राजस्व मंत्री पद की शपथ ली। 'वन पर्सन-वन पोस्ट' और सहकारी सोसायटी अधिनियम के तहत, मंत्री बनने के कारण उन्होंने 4 दिसंबर 2021 को डेयरी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। तब से लेकर आज तक, यानी पिछले साढ़े चार साल से भीलवाड़ा डेयरी बिना किसी चेयरमैन के, केवल 11 संचालक मंडल सदस्यों के भरोसे चल रही है।