भीलवाड़ा

Accident in Bhilwara : यह हादसा नहीं हत्या है, रोडवेज इसके लिए जिम्मेदार

-भीलवाड़ा में रोडवेज बस स्टैंड पर करंट फैलने से दो युवकों की मौत - गन्ने की चरखी संचालक ने ले रखा था कनेक्शन - तम्बू के पाइपों में करंट फैलने से हुआ हादसा
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Updated: 19 Jul 2023, 8:04 PM IST
Accident in Bhilwara : यह हादसा नहीं हत्या है, रोडवेज इसके लिए जिम्मेदार
Accident in Bhilwara : यह हादसा नहीं हत्या है, रोडवेज इसके लिए जिम्मेदार

भीलवाड़ा.

रोडवेज प्रबंधन की लापरवाही ने मंगलवार रात को बस स्टैंड परिसर में दो युवकों की जान ले ली। रात में बारिश के कारण बस स्टैंड परिसर में जलभराव के कारण करंट फैलने से युवक चपेट में आ गए। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। परिसर में गन्ने की चरखी संचालक के कनेक्शन लेने से वहां लगे तम्बू के पाइपों में करंट फैल गया। एक को बचाने के प्रयास में दूसरे की भी मौत हो गई। सुभाषनगर थाना पुलिस ने बुधवार को पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौप दिया। मृतक के परिजनों ने रोडवेज प्रबंधन, चरखी संचालक और डिस्कॉम के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

थानाप्रभारी शिवराज गुर्जर ने बताया कि देर रात बारिश के कारण बस स्टैंड परिसर में पानी भर गया था। मुख्य द्वार के निकट परिसर में गन्ने की चरखी लगी थी। वहां तम्बू तान रखा था। चरखी संचालक ने बिजली ले रखी थी। लेकिन उसके विद्युत तार व्यविस्थत नहीं थे। माना जा रहा है कि तम्बू तानने के लिए लगे लोहे के पाइपों में करंट फैल गया। इससे करंट की चपेट में आने से देवगढ़ (राजसमंद) निवासी नौशाद हुसैन (35) तथा सरसिया (जहाजपुर) निवासी बाबूलाल मीणा (32) की करंट लगने से मौत हो गई। घटना का पता चलने पर वहां मौजूद यात्रियों, स्टॉफ और दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस अधिकारी भी वहां पहुंचे।बचाने दौड़ा तो खुद भी काल का बन गया ग्रास

घटना को लेकर मृतक बाबूलाल के भाई रामजस मीणा ने सुभाषनगर थाने में रिपोर्ट दी। उसने बताया कि देर रात उसका भाई बाबूलाल जहाजपुर जाने के लिए भीलवाड़ा डिपो पहुंचा। बस के इंतजार के दौरान शौच के लिए शौचालय जा रहा था। वहां रास्ते में श्रवण कुमार की ज्यूस की दुकान की ओर गया। वहां उसे करंट लग गया। उसकी चीख सुनकर वहां मौजूद नौसाद उसे बचाने के लिए दौड़ा। उसे भी करंट लग गया।

पालना के लिए चैम्बर नहीं छोड़ा-

भीलवाड़ा आगार के मुख्य प्रबंधक निपूर्ण शर्मा से इस सम्बंध में बात की गई तो उन्होंने गन्ने की चरखी संचालक की दुकान देते समय नियम-शर्तों में जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़ लिया। दो की मौत होने के बाद भी रात तक संचालक के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने जैसी कोई कार्रवाई नहीं की। न ही दुकान किराए देने के बाद चैम्बर छोड़कर उसने नियमों की पालना की या नहीं इसे मुड़कर नहीं देखा। महज रोडवेज को किराया वसूलने की इतिश्री की।

तारों का झुड़ मिला, हर पाइप में करंट -

हादसे के बाद सिक्योर कम्पनी के तकनीकी कर्मचारी और अधिकारी मौके पर पहुंचे। मशीनों से जांच की तो तम्बू के लिए लगाए हर लोहे के पाइप में करंट फैल रहा था। तत्काल बिजली काटी गई।

लापरवाही यहां भी कम नहीं-

रोडवेज प्रबंधन की लापरवाही यहीं तक सीमित नहीं है। थोड़ी सी बारिश में बस स्टैंड परिसर जल मग्न हो जाता है। सड़कें बदहाल है। यात्रियों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं। बस के इंतजार में बैठने के लिए यात्री प्रतीक्षालय तक नहीं है। जो प्रतीक्षालय बना था उस पर पुलिस चौकी का कब्जा हो गया।

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