भीलवाड़ा

Rajasthan: साधू, चायवाला, जिम-ट्रेनर से लेकर मैकेनिक तक बने पुलिसकर्मी, भेष बदलकर दबोचे इनामी बदमाश

Rajasthan Police Undercover Operation: राजस्थान पुलिस अब शातिर और इनामी बदमाशों को पकड़ने के लिए नए-नए तरीके अपना रही है। अपराधियों तक पहुंचने के लिए पुलिसकर्मी साधु, चायवाला, जिम ट्रेनर, मैकेनिक और मजदूर तक बन गए।
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Rajasthan police In Sadhu Costume
उदयपुर पुलिस टीम ने साधू बनकर की कार्रवाई (फोटो: पत्रिका)

शातिर और इनामी अपराधियों तक पहुंचने के लिए राजस्थान पुलिस अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर नई रणनीतियां अपना रही है। कहीं पुलिसकर्मी साधु बने, कहीं चायवाला, जिम ट्रेनर, कुरियर बॉय या जनगणना प्रगणक। पहचान छिपाकर की गई निगरानी और लंबी रेकी के बाद पुलिस ने पिछले 2 सालों में कई बड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया। अकेले भीलवाड़ा पुलिस ने इस दौरान 26 इनामी और लंबे समय से फरार बदमाशों को दबोचा। अपराधियों को भनक न लगे, इसके लिए पुलिसकर्मियों ने संदिग्ध ठिकानों के बाहर चाय की थड़ी पर काम किया, मैकेनिक बनकर निगरानी की, जिम ट्रेनर बनकर रेकी की और जरूरत पड़ने पर साधु का वेश भी धारण किया।

ऐसे-ऐसे भेष, ऐसे पकड़े अपराधी

  • सब्जी विक्रेता और मजदूर का भेष: बांसवाड़ा जिले के शराब तस्कर मयंक उर्फ कल्लू माठा के लिए पुलिस को सब्जी विक्रेता और मजदूर बनना पड़ा। अहमदाबाद में आठ दिन तक निगरानी करने के बाद उसे गिरफ्तार किया।
  • 22 साल बाद गिरफ्तारी: उदयपुर पुलिस ने 22 साल से फरार 10 हजार रुपए के इनामी देवीसिंह कंजर को मध्यप्रदेश के देवास जिले से साधु बनकर गिरफ्तार किया। आरोपी पर वर्ष 2004 में हुई लूट व डकैती की वारदात का आरोप है।
  • साधु बनकर गिरफ्तारी: अवैध हथियार के आरोपी अभिषेक पालीवाल के मंदिर में छिपे होने की सूचना पर भीलवाड़ा पुलिस साधु और चेले के वेश में पहुंची और उसे दबोच लिया।
  • चायवाले की भूमिका: हत्या और अन्य मामलों के हिस्ट्रीशीटर भैरूलाल गुर्जर उर्फ भैरू झोपड़ा की अहमदाबाद में निगरानी के लिए पुलिस ने चाय की थड़ी पर काम किया। मौका मिलते ही उसे गिरफ्तार कर लिया।
  • जिम ट्रेनर बनकर रेकी: प्रतियोगी परीक्षा में डमी अभ्यर्थी बैठाने के आरोपी भरतपुर निवासी जीत पहलवान को दिल्ली में जिम ट्रेनर व सदस्य बनकर दबोचा।
  • जनगणना प्रगणक बनकर कार्रवाई: करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी के आरोपी प्रकाश कोठारी और उसकी मां सुशीला देवी को जयपुर में जनगणना प्रगणक बनकर गिरफ्तार किया गया।

हजारों किलोमीटर का सफर, कई दिन की रेकी

भीलवाड़ा पुलिस अधीक्षक सागर राणा के अनुसार इन अभियानों में पुलिस टीमों ने बस और ट्रेन से हजारों किलोमीटर का सफर किया। कई मामलों में जवानों ने लगातार कई दिनों तक संदिग्धों की निगरानी की। सही समय का इंतजार कर बिना किसी हंगामे के कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

Updated on:
06 Jul 2026 12:39 pm
Published on:
06 Jul 2026 12:39 pm