मई में परीक्षा और जुलाई में प्रवेश की नीति पर शिक्षकों ने खोला मोर्चा
शिक्षा विभाग ने शिविरा पंचांग जारी कर दिया है। नया सत्र 1 अप्रेल से शुरू हो गया है। पंचांग के जारी होते ही शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठनों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। विभाग के ग्रीष्मावकाश में 10 दिन की कटौती करने, संस्था प्रधानों के स्वैच्छिक अवकाश सीमित करने को लेकर शिक्षकों में रोष है। नए कैलेंडर के अनुसार ग्रीष्मकालीन अवकाश 17 मई से 20 जून तक रहेगा। शिक्षकों का कहना है कि गर्मी के मौसम में छुट्टियां घटाने का फैसला अनुचित है। संस्था प्रधानों के अधिकारों में भी कटौती की गई है। संस्था प्रधान अब वे 1 दिन का ही अवकाश घोषित कर सकेंगे, पहले 2 अवकाश के अधिकार थे।
पंचांग में कक्षा 9 से 12 तक के लिए प्रवेश की अंतिम तिथि 11 जुलाई है। कक्षा 1 से 8 तक के लिए साल भर प्रवेश खुला रहेगा। इसी बिंदु ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील के प्रदेशाध्यक्ष नीरज शर्मा ने इस नीति पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि जब प्रथम परख 13 से 15 मई के बीच होंगे तो जो विद्यार्थी जुलाई में स्कूल में प्रवेश लेंगे, उनका मई तक का पाठ्यक्रम कैसे पूरा होगा।
विभाग ने पूरे साल का खाका तैयार किया है। हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को नो बैग डे होगा। प्रथम परख 13 से 15 मई, द्वितीय परख 17 से 19 अगस्त तक होंगे। अर्द्धवार्षिक परीक्षा 15 से 29 अक्टूबर। तृतीय परख 17 से 19 दिसम्बर। स्थानीय वार्षिक परीक्षा 8 से 20 मार्च 2027 तक होगी। ग्रीष्मकालीन अवकाश 17 मई से 20 जून 2026। मध्यावधि दीपावली अवकाश 4 से 15 नवम्बर तथा शीतकालीन अवकाश 31 दिसम्बर 2026 से 10 जनवरी 2027 तक होगी। जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन 18 और 19 सितंबर तथा राज्य स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन 27 और 28 नवम्बर को होगा।
सरकारी स्कूलों में पीएम पोषण मिड-डे-मील योजना के तहत काम कर रहे लाखों कुक कम हेल्पर्स (रसोइयों) के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने नए वित्तीय वर्ष से इनके मानदेय में 10 प्रतिशत वृद्धि की सौगात दी है। 1 अप्रेल से अब प्रदेश के रसोइयों को 2467 रुपए प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। पहले 2297 रुपए प्रतिमाह मानदेय मिलता था। इस आदेश से भीलवाड़ा जिले के 4782 हेल्परों को फायदा होगा।
मिड-डे-मील कार्यक्रम के आयुक्त ने विधिवत आदेश जारी कर दिए हैं। यह वृद्धि मुख्यमंत्री की ओर से राज्य के बजट में की गई घोषणा की क्रियान्विति है। आदेश के मुताबिक कुक कम हेल्पर्स को मिलने वाले मानदेय के राज्य सरकार के हिस्से में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। पहले राज्य सरकार अपनी ओर से 1697 रुपए देती थी। 10 फीसदी वृद्धि के बाद अब राज्य सरकार का हिस्सा 1867 रुपए हो गया है। केंद्र सरकार के हिस्से के 600 रुपए और राज्य के 1867 रुपए मिलाकर अब रसोइयों को कुल 2467 रुपए प्रतिमाह का भुगतान होगा। यह मानदेय कुक कम हेल्पर्स को प्रति माह अधिकतम 10 माह की अवधि तक के लिए देय होगा।
भीलवाड़ा जिले में करीब 4782 हेल्पर काम कर रहे हैं। इन सभी को दिसंबर 2025 तक का भुगतान कर रखा है। लेकिन बजट के अभाव में पिछले तीन माह से 3.29 लाख का मानदेय अटका हुआ है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इनका भुगतान अप्रेल माह में कर दिया जाएगा। इसका प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेज रखा है।