
शिक्षिका बनाती रही रील, 9वीं के 29 बच्चे फेल, जांच कमेटी गठित
भीलवाड़ा जिले के सुवाणा ब्लॉक के राउमावि गढ़पाछली आमली की एक वरिष्ठ अध्यापिका पर आरोप है कि वह स्कूल में पढ़ाने के बजाय दिनभर मोबाइल पर रील बनाने में व्यस्त रहती थी और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करती थी। पढ़ाई न होने का नतीजा यह हुआ कि इस वर्ष कक्षा 9 के 29 बच्चे अनुत्तीर्ण हो गए। मामला जब सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आया तो शिक्षा विभाग में हड़कंपमच गया। सुवाणासीबीईओ ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी शिक्षिका के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। गणित की टीचर राखी गुप्ता पर स्कूल समय में रील बनाने और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने तथा उन्हें फेल करने के आरोप हैं।
सीबीईओ रामेश्वर जीनगर ने रील बनाने के प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यों की टीम गठित की है। इसमें पीएमश्री राउमावि कोदूकोटा की प्रधानाचार्य कौशल श्रृंगी, राउमावि कारोई की प्रधानाचार्य शीला मीणा तथा राउमावि रूपाहेली के प्रधानाचार्य रतनलाल खटीक शामिल हैं। जांच दल को निर्देश दिए हैं कि इस प्रकरण की तत्काल जांच की जाए। जांच रिपोर्ट दो दिन में मांगी है।
कक्षा 9वीं में छात्रों को फेल करने या रील बनाने के मामले में किसी ने शिकायत नहीं की है। मुझे भी मंगलवार को ही इसकी जानकारी मिली थी। जांच टीम के सामने राखी गुप्ता ने स्कूल में रील नहीं बनाने के लिए लिखकर दे दिया है। अब ऐसा कोई मामला नहीं है।
उमा डोलिया, प्रधानाचार्य राउमावि गढ़पाछली आमली
कक्षा 9वी में 58 छात्र हैं। उनमें से 29 छात्र तीन से अधिक विषयों में फेल हुए हैं। 8 छात्र सभी विषय में फेल हैं। कुछ छात्र तो परीक्षा में बैठने की स्थिति में नहीं थे। स्कूल के कार्यक्रम के दौरान रील बनाई थी। उनको विभाग के निर्देश पर एप पर अपलोड करने के बाद ही सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। उन रील को सोशल मीडिया से हटा दिया है। जांच टीम को लिखकर दिया है कि अब स्कूल में कोई रील नहीं बनाई जाएगी।
राखी गुप्ता, वरिष्ठ अध्यापिका गढ़पाछली आमली
Published on:
02 Apr 2026 08:48 am
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