गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषयों के विशेषज्ञों से आवेदन आमंत्रित अस्थायी रूप से मानदेय के आधार पर दी जाएगी सेवा का अवसर
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने जिले के विभागीय छात्रावासों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को कठिन विषयों में मार्गदर्शन देने के लिए एक नई पहल की है। विभाग ने गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषयों में विशेषज्ञता रखने वाले अनुभवी शिक्षकों से “गेस्ट फैकल्टी” के रूप में आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस योजना का उद्देश्य छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं और शैक्षणिक मूल्यांकन में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए अस्थायी नियुक्तियां
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह नियुक्तियां शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए की जाएंगी। अध्यापक ग्रेड प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी में पात्रता रखने वाले अभ्यर्थियों को ही आवेदन करने का अवसर मिलेगा। इन सेवाओं को पूर्णतः अस्थायी रूप से वित्त विभाग के परिपत्र में वर्णित शर्तों और मानदेय के आधार पर लिया जाएगा।
31 अक्टूबर तक आवेदन जमा करवाने होंगे
इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में आवश्यक योग्यता प्रमाणपत्रों और शपथ पत्र सहित 31 अक्टूबर शाम 4 बजे तक जमा करवाने होंगे। आवेदन संबंधित ब्लॉक सामाजिक सुरक्षाअधिकारी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
चयन समिति का निर्णय रहेगा अंतिम
आवेदनों की जांच के बाद अभ्यर्थियों का चयन विभागीय चयन समिति के निर्णय के अनुसार किया जाएगा। यह निर्णय अंतिम और सर्वमान्य रहेगा। विभाग ने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों को छात्रावासों में विद्यार्थियों को कठिन विषयों की अतिरिक्त कक्षाएं लेकर शैक्षणिक मार्गदर्शन प्रदान करना होगा।
विद्या संबल योजना के तहत होगा क्रियान्वयन
यह पहल ‘विद्या संबल योजना’ के तहत संचालित की जा रही है। योजना का उद्देश्य सरकारी छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को कुशल शिक्षकों की सहायता से विषयवार मार्गदर्शन देना है। विभाग ने कहा कि इच्छुक अभ्यर्थी विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाइट या जिला परिवीक्षा एवं समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं।
गेस्ट फैकल्टी बनने का अवसर
इस योजना के तहत योग्य शिक्षकों को राज्य सेवा में योगदान देने का अवसर मिलेगा। साथ ही यह पहल ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने का महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सुवाणा के सीबीईओ रामेश्वर जीनगर का कहना है कि सामाजिक न्याय विभाग की यह पहल छात्रावासों में शिक्षा स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में सराहनीय कदम है। यदि योग्य गेस्ट फैकल्टी का चयन पारदर्शी तरीके से किया गया, तो यह योजना ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए शिक्षा की नई राह खोल सकती है।