भीलवाड़ा

#sehatsudharosarkar बदहाल चिकित्सा व्यवस्था पर चेते जनप्रतिनिधि, बोले-अस्पताल में सुधार की दशा में उठेगा कदम

रंग लाई राजस्थान पत्रिका की मुहिम,  विधायकों ने सुधार के लिए कदम उठाने की ठानी
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भीलवाड़ा के महात्‍मा गांधी च‍िक‍ित्सालय में बंद पड़ी एक्‍स रे मशीन

भीलवाड़ा।

राजस्थान पत्रिका की ओर से जिले में बदहाल चिकित्सा व्यवस्था पर चलाई मुहिम 'सेहत सुधारो सरकार' पर आखिरकार जनप्रतिनिधि चेते हैं। अभियान में रखे आमजन के दर्द को समझते जनप्रतिनिधियों ने इसे सुधारने में ठोस कदम उठाने की ठान ली है। इसमें सबका सहयोग लेते सरकार के स्तर तक मुद्दे को उठाकर अस्पताल में व्याप्त कमियों को दूर करके बेहतर सुविधा देने का वादा किया। उन्होंने कहा, अस्पताल में जांच के लिए नई मशीन खरीदी जाएगी। साथ में चिकित्सक के साथ नर्सिंगकर्मी भी लगाने का प्रयास होगा।

पत्रिका ने कमियां गिनाई, इससेसुधार में मिलेगी मदद

पत्रिका ने समाचार अभियान चलाकर अस्पताल की कमियां उजागर की। इससे व्यवस्था सुधारने में मदद मिलेगी। जिला अस्पताल की कमियां दूर की जाएगी। प्रदेश के अच्छे अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं में एमजीएच का भी नाम है। खनिज रॉयल्टी राशि में से आठ करोड़ जिला चिकित्सालय के लिए मशीन खरीदने, सुधार और साफ-सफाई समेत अन्य व्यवस्था सुधारने पर खर्च की जाएगी। प्रयास रहेगा कि जो भी कमियां हो, उसे दूर कर आमजन को अस्पताल का फायदा दिया जाए। तीन-चार माह में हॉस्पिटल राजस्थान का सर्वश्रेष्ठ जिला चिकित्सालय बनने की श्रेणी में आ जाएगा।

- विठ्लशंकर अवस्थी, विधायक, भीलवाड़ा

चिकित्सालय में व्याप्त समस्याओं को दूर किया जाएगा

अस्पताल में कमियां जरूर है। क्षेत्र के सभी अस्पताल में कहीं चिकित्सक नहीं होने तो कहीं नर्सिंगकर्मी पूरे नहीं है। कहीं पर्याप्त जांच व्यवस्था नहीं है। सरकार कितना ही काम करवा दे। फिर भी कोई ना कोई कमी रही जाती है। एेसा कोई अस्पताल नहीं होगा जिसमें किसी तरह की कमी ना होगी। माण्डल चिकित्सालय में काफी समस्या को दूर कर दिया है। जो कमियां उसे दूर कर दिया जाएगा।

- कालूलाल गुर्जर, मुख्य सचेतक एवं विधायक माण्डल

सरकार को नहीं आम लोगों की सेहत की परवाह

चिकित्सा क्षेत्र में सरकार पूरी तरह लापरवाह है। पत्रिका के सेहत सुधारों अभियान ने हकीकत दिखा दी। उसके बावजूद सरकार हालात सुधारने को गंभीर नहीं है। जिले में एक विधायक सहित सात-आठ जनों की स्वाइन फ्लू से अधिकृत रूप से मौत हो चुकी है। फिर भी हालात बदतर हैं। जिला चिकित्सालय में आधे पद रिक्त हैं तो कोटड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर स्त्री रोग विशेषज्ञ भी नहीं है। जहाजपुर क्षेत्र में पिछली सरकार के समय मैने 21 सब सेन्टर मंजूर कराए थे,उनके लिए भवन तैयार नहीं कराए जा सके हैं।
- धीरज गुर्जर, विधायक, जहाजपुर-कोटड़ी क्षेत्र

Published on:
18 Sept 2017 09:56 pm