भीलवाड़ा

पुलिस को छका रहे वारंटी, एक हजार बदमाशों की तलाश

इनाम की घोषणा भी नहीं हो रही कारगर साबित हत्या, जानलेवा हमले, लूट, डकैती के आरोपी शामिल ऊपर से दबाव पड़ने पर ही तलाश में निकलते हैं पुलिसकर्मी

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Nov 15, 2022
पुलिस को छका रहे वारंटी, एक हजार बदमाशों की तलाश

जिले में दो दशक में शातिर अपराधियों की फेहरिस्त बढ़ रही है, जो विभिन्न अपराधों में वांछित हैं। जिले में एक हजार से अधिक वारंटी हैं। इनमें हत्या, लूट, कातिलाना हमला, डकैती, मादक पदार्थ तस्करी तक के आरोपी शामिल है। इनमें कुछ ऐसे भी हैं, जो जमानत मिलने के बाद वापस अदालत में हाजिर नहीं हुए। पुलिस ने इन पर इनाम भी घोषित कर रखा है। तलाश कर लाने वाले पुलिसकर्मियों को भी इनाम की घोषणा की गई। प्रत्येक थाने में क्षेत्र के वारंटियों की सूची है। काम की अधिकता और स्टॉफ की कमी के कारण वारंटियों पर ध्यान ही नहीं दिया जाता। कुल मिलाकर कागजों में ही अपराधियों को तलाशने के प्रयास दर्शाए जाते है।

तभी लगाते हैं दौड़
चुनाव, त्योहार या बड़ी घटना या फिर आला अधिकारियों से वारंटियों के खिलाफ सख्ती के आदेश मिलने पर ही पुलिसकर्मी इनकी तलाश में थाने से निकलते हैं। पुलिस वारंटियों की धरपकड़ में भी खानापूर्ति करती है। धरपकड़ के लिए अभियान चलाकर महज चेक अनादरण, दुर्घटना, मारपीट जैसे मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर इतिश्री कर लेती है। हत्या, लूट, अपहरण, मादक पदार्थ की तस्करी जैसे बड़े मामलों में शामिल अपराधी की गिरेबां कम ही नाप पाती है।

अभियान चलाते हैं...
वारंटियों की तलाश के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। कई वारंटियों पर इनाम तक घोषित है। वारंटियों की धरपकड़ अधिक हो, इसलिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश भी दे रखे है।
रुपिंदरसिंघ, पुलिस महानिरीक्षक, अजमेर रेंज
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केस-01

वर्ष-1996 में सदर पुलिस ने ईरांस में फैक्ट्री से लाखों रुपए का डोडा चूरा बरामद किया था। मामले में तीन नाईजीरियाई नागरिकों समेत सात को नामजद किया गया। इनमें तीनों नाईजीरियाई फरार है। इसमें इंटरपोल की मदद ली गई, लेकिन वे हाथ नहीं आए।

केस-02

वर्ष-2001 में सुभाषनगर पुलिस ने लालबत्ती लगी लग्जरी कार से लाखों रुपए की अफीम बरामद की। नामजद आरोपी जसकरण अब तक पुलिस के हाथ नहीं लगा। उसके विदेश भागने की आशंका पर इंटरपोल की मदद ली गई, लेकिन हाथ नहीं आया।

केस-03

वर्ष-2003 गंगापुर में पति,सास और ससुर की हत्या कर सुनीता टोडरवाल फरार हो गई। उसके सहयोगियों को पुलिस ने धरदबोचा। पुलिस ने सुनीता के खिलाफ वारंट जारी करवाया और इनाम तक घोषित किया। इसके बाद भी पुलिस के हाथ खाली है।

केेस-04

वर्ष-2005 में नागौरी गार्डन में डॉ. प्राणजीवन शाह और परिजनों को नशीला भोजन खिला नेपाली नौकरानी लक्ष्मी साथियों की मदद से लाखों रुपए का माल लेकर चम्पत हो गई। पांच जनों को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया। सरगना लक्ष्मी हाथ नहीं आई।

Published on:
15 Nov 2022 12:34 pm
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