ब्राह्मणों की सरेरी के निकट मिले बड़ी मात्रा में मोटर पाट्र्स, वाहन चोरी और नकबजनी के बाद फेंक रहे
भीलवाड़ा।
पुलिस के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। नकबजनी और वाहन चोरियों में शामिल अपराधियों ने कुओं को माल गोदाम बनाना शुरू कर दिया है। इनको तलाशना पुलिस के लिए टेडी खीर हो गया है। खासतौर से चोरी के बाद बदमाश वाहनों के कलपुर्जे खोल बाकी कुओं में फेंक रहे हैं।
हाल ही में सुभाषनगर पुलिस के हत्थे चढ़े वाहन चोर गिरोह की निशानदेही पर ब्राह्मणों की सरेरी के निकट नारायणपुरा सरहद स्थित कुएं को खंगाला तो उसमें माल देख पुलिस दंग रह गई। बड़ी मात्रा में वाहनों के पुर्जों निकले। इनको थाने लाने ट्रक का बंदोबस्त करना पड़ा। वाहन चोरियों की वारदात के बाद उनको छिपाने पर पकड़े जाने का आरोपितों को डर रहता है।
आसपास और मुखबिरों के पुलिस को सूचना देने के डर से अपराधियों ने वाहन को छिपाना बंद कर दिया। अब वाहन चुराने के बाद सीधे सुनसान इलाके के कुएं पर पहुंचते है। जहां कुएं को माल गोदाम बना रखा है। वाहनों के कलपुर्जों को अलग-अलग कर उसमें फेंक दिया जाता है। ताकि ग्राहक आते ही कुएं से निकाल कर औने-पौने दाम में बेच सके।
पानी तुड़वाने में भारी मशक्कत
गत माह प्रतापनगर क्षेत्र के जवाहरनगर में सुनसान इलाके में कुएं में वाहनों के पुर्जे मिले थे। पुलिस ने आसपास के दो कुओं का पानी तुड़वाया। उसमें मोटरसाइकिलों के चेचिस मिले थे। दूसरी घटना नारायणपुरा की सामने आई। आरोपित के वाहन कुएं में गिराने की बात कबूलने के बाद पुलिस के लिए मशक्कत पानी तुड़वाने और उसे बाहर निकालने की होती है।
ऑटो पाट्र्स दुकान जैसा दिखा थाना
सुभाषनगर थाने के हैड कांस्टेबल रामेश्वरलाल ने बताया कि ब्राह्मणों की सरेरी के भंवर बलाई से पूछताछ के बाद नारायणपुरा सरहद के कुएं से पानी निकालने के बाद उससे बाइक के १० साइलेंसर, १० हैड लाइट, ६ शोकर, ५ मीटर, २२ पेट्रोल टंकी, ८ पैडल, १० टायर की रिंग, १३ चेनकवर समेत अन्य सामान बरामद हुआ। इनको थाने पर जमाया गया तो ऑटो पाट्र्स की दुकान से कम नहीं लग रहा था।