भीलवाड़ा

ताल से ताल मिला: परिषद व न्यास कब सुनेंगे जनता की फरियाद

भीलवाड़ा शहर के दो प्रमुख विभाग नगर विकास न्यास व नगर परषिद के बीच चल रही क्षेत्राधिकार की लड़ाई का खामियाजा शहर की जनता भुगत रही है।

3 min read
Jul 21, 2022
ताल से ताल मिला: परिषद व न्यास कब सुनेंगे जनता की फरियाद

भीलवाड़ा शहर के दो प्रमुख विभाग नगर विकास न्यास व नगर परषिद के बीच चल रही क्षेत्राधिकार की लड़ाई का खामियाजा शहर की जनता भुगत रही है। पूरे शहर की सड़कें उधड़ी हुई है। जगह-जगह हुए गड़ढ़ों से बरसात में भर रहे पानी से लोग परेशान है। दोनों जिम्मेदार एजेंसियां सुध लेने को तैयार नहीं है। बड़ी बात यह है कि न्यास अध्यक्ष स्वयं जिला कलक्टर आशीष मोदी है। इसके बाद भी दोनों विभागों में तालमेल नहीं बैठा पा रहे। परिषद सभापति राकेश पाठक क्षेत्राधिकार तय करने को लेकर जिला कलक्टर से मुलाकात तक कर चुके है। गैस कम्पनी व आरयूआईडीपी सड़कों की मरम्मत के लिए अब तक आठ करोड़ की राशि न्यास व परिषद के खजाने में जमा करा चुकी है।


पत्रिका की मुहिम के बाद राहत के प्रयास

शहर की जनता की आवाज बनी राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाई गई टूटी सड़कों की मुहिम के बाद नगरपरिषद की नींद खुली है। परिषद सभापति ने आरयूआईडीपी के अधिकारी से शहर में उधड़ी सड़कों को भरने का आग्रह किया। इसे लेकर मंगलवार से शहर के कई क्षेत्रों में सड़कों का पेचवर्क निकाले गए। आरयूआईडीपी के अधिशासी अभियंता सूर्यप्रकाश संचेती ने बताया कि शहर के कॉलेज रोड, काशीपुरी रोड़, कांवाखेड़ा तथा प्रेम चुनरिया तक के गड्ढों में पेच निकालने का काम किया गया।
62 किलोमीटर सड़क के लिए 3 करोड़ जमा
शहर की प्रमुख कॉलोनियों आरसी व्यास, विजयसिंह पथिक नगर, शास्त्रीनगर, चन्द्रशेखर आजाद नगर, आजादनगर समेत अन्य क्षेत्र में आरयूआईडीपी की ओर से सीवरेज का काम पूरा करने के बाद कुल 62 किलो मीटर की सड़कों के निर्माण के लिए नगर परिषद व न्यास के क्षेत्राधिकार की सड़कों का लगभग 3 करोड़ जमा करा दिया था, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो पाया। अब अधिकारी बता रहे है कि सड़कों का काम मानसून के बाद किया जाएगा।
----

दस करोड़ के हो चुके टेंडर

अभी बरसात में सड़क निर्माण का काम नही हो सकता है। मानसून के बाद सड़़कों का काम होगा। इसके लिए करीब 10 करोड़ के टेंडर हो चुके है। सड़़के आरसी व्यास, आरके कॉलोनी, आजादनगर, तिलक नगर समेत अन्य क्षेत्र की है। जहां भी बड़े- बड़े गड्ढे है। वहां पर डब्ल्यूएमएम से पेच निकाले जा रहे है।

- वीके सक्सेना, अधीक्षण अभियन्ता नगर विकास न्यास

...

कई बार मिल चुका कलक्टर से

शहर के क्षेत्राधिकार को लेकर कई बार जिला कलक्टर से मिल चुका हूं। इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। गड्ढों को भरने का काम परिषद व आरयूआईडी के माध्यम से करवाया जा रहा है।

- राकेश पाठक, सभापति, नगर परिषद
-----

पांडू का नाले में हर कोई कचरा डाल रहा है। इसकी सफाई होनी चाहिए। सीवरेज बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है। कुछ परेशानी हो सकती है। शहर का विकास दोनों निकाय को सकारात्मक सौच के साथ मिलकर करना चाहिए। जो भी कमिया है उसे दूर करना चाहिए। सभापति व अधिकारियों को शहर के हित को ध्यान में रखते हुए संयुक्त बैठक करनी चाहिए। शहर में कई समस्या है उनका समाधान होना चाहिए।

अक्षय त्रिपाठी, पूर्व अध्यक्ष नगर विकास न्यास
--------

शहर का विकास न तो यूआईटी करना चाहती है और न ही नगर परिषद। जितने भी कर्मचारी व अधिकारी लगे है वह स्वयं के विकास में लगे हुए है। कोई भी राजनेता भी शहर के विकास में रूचि नहीं ले रहा है। शहर में न तो विपक्ष है और ना ही पक्ष है। शहर की जनता को परेशानी हो रही है, यही सभी अधिकारी को ध्यान में लेकिन कोई काम नहीं करना चाहता है। दोनों निकाय में दलालों का बोलबाला है।
रामपाल शर्मा, पूर्व अध्यक्ष नगर विकास न्यास

---------------
शहर के विकास के लिए जिसको भी अवसर मिला है चाहे नगर परिषद सभापति हो या आयुक्त। इनको भगवान की कृपा से अवसर मिला है। इस अवसर का लाभ जितना शहर की जनता को दे सके उतना ही सार्थकता है। शेष जो है सो है।

लक्ष्मीनारायण डाड, पूर्व अध्यक्ष नगर विकास न्यास
------

शहर की जनता काफी परेशान है। सीवरेज का काम सही नहीं हो पा रहा है। नगर परिषद ने बरसात से पहले न तो सफाई व्यवस्था सही करवाई और ना ही टूटी सड़कों को सही करवाया। नगर विकास ने टेण्डर लगाए है। वह काम बरसात के बाद होंगे। वही नगर परिषद के करोड़ों के टेंण्डर लगे लेकिन धरातल पर कोई काम नजर नहीं आ रहा है।
ओम नराणीवाल, पूर्व सभापति नगर परिषद

Published on:
21 Jul 2022 09:19 am
Also Read
View All