परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न, पुलिस के रहे पुख्ता प्रबंध
कर्मचारी चयन बोर्ड की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (चपरासी) भर्ती परीक्षा रविवार को संपन्न हुई। तीन दिन में छह पारियों में हुई भर्ती परीक्षा राज्य के इतिहास की सबसे ज्यादा अभ्यर्थियों वाली भर्ती परीक्षा बताई गई है। इसमें 53 हजार 749 पदों के लिए 25 लाख अभ्यर्थी पंजीकृत थे। सरकारी नौकरी के प्रति लालसा कहें या बेरोजगारी का आलम कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी परीक्षा देने ऊंची डिग्रीधारक भी बड़ी संख्या में पहुंचे। परीक्षा की बेसिक क्वालिफिकेशन 10वीं पास है, लेकिन एमबीए, बीटेक, एमएमसी, एमए बीएड समेत विभिन्न डिग्रीधारी अभ्यर्थी आए। इन तीन दिनों में करीब 89.11 प्रतिशत अभ्यर्थी उपस्थित रहे।
निर्देशों की कड़ाई से पालना
परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों में कुछ ऐसे थे, जो गहने या जींस पहनकर आए। ऐसे अभ्यर्थियों के गहने उतरवाए गए। जींस में लगे मेटल बटन हटा गए। एक महिला अभ्यर्थी की चोटी तक को मेटल डिडेक्टर से जांच की गई। परीक्षा से ठीक 1 घंटे पहले केंद्र के गेट बंद कर दिए गए. जो अभ्यर्थी इसके बाद केंद्र पर पहुंचे, वह यहां गुहार लगाता रह गया। हालांकि कुछ परीक्षा केंद्रों पर इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर होने के चलते फेस रिकॉग्निशन और बायोमेट्रिक में परेशानी हुई। खास बात ये है कि इस बार अभ्यर्थियों को परीक्षा के बाद प्रश्न पत्र घर ले जाने नहीं दिया गया। अंतिम दिन रविवार को यहां दो पारियों में परीक्षा होने के साथ तीन दिवसीय परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई। दोनों पारियों में परीक्षार्थियों की उपस्थिति 89 फीसदी से ऊपर रही। परीक्षा खत्म होते ही शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की रेलमपेल नजर आई।
परीक्षार्थी घर जाने की जल्दी की फिराक में तेज भागते नजर आए। परीक्षाएं रविवार को भी दो पारियों में होगी। पहली पारी की परीक्षा सुबह दस से 12 बजे तक हुई। इसमें पंजीकृत 6312 अभ्यर्थियों में से 5625 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। द्वितीय पारी की परीक्षा दोपहर तीन बजे से पांच बजे तक हुई। इसमें पंजीकृत 6312 अभ्यर्थियों में से 5689 अभ्यर्थी उपस्थित हुए। दोनों पारियों में 89.12 एवं 90.13 फीसदी परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा के लिए जिला मुख्यालय पर 21 परीक्षा केन्द्र अधिग्रहित किए हैं। परीक्षा में नकल की रोकथाम को लेकर इस बार प्रश्न पत्र की बुकलेट वापस ली गई। इससे विद्यार्थी अपने उत्तर को लेकर असमंजस में हैं।