नगर परिषद के 70 वार्ड में भाजपा 31 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, लेकिन स्पष्ट बहुमत हांसिल नहीं कर सकी। यहां चुनाव जीतकर आए 17 निर्दलियों के हाथ में सभापति की चाबी रहेगी। यहां कांग्रेस ने गत चुनाव के मुकाबले अपनी स्थिति को बेहतर बनाते हुए 22 सीटें जीती है। इधर, शाहपुरा, जहाजपुर व गंगापुर में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला है। कांग्रेस ने जिले में सीधे तौर पर आसीन्द में ही बड़ी जीत हांसिल की है
भीलवाड़ा । नगर परिषद के 70 वार्ड में भाजपा 31 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, लेकिन स्पष्ट बहुमत हांसिल नहीं कर सकी। यहां चुनाव जीतकर आए 17 निर्दलियों के हाथ में सभापति की चाबी रहेगी। यहां कांग्रेस ने गत चुनाव के मुकाबले अपनी स्थिति को बेहतर बनाते हुए 22 सीटें जीती है। इधर, शाहपुरा, जहाजपुर व गंगापुर में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला है। कांग्रेस ने जिले में सीधे तौर पर आसीन्द में ही बड़ी जीत हांसिल की है। वही गुलाबपुरा व मांडलगढ़ नगर पालिका चुनाव में भाजपा व कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर रही है। जिले में सात निकाय में किस पार्टी का बोर्ड बनेगा और सभापति व अध्यक्ष की कमान किस के पास रहेगी यह 7 फरवरी २१ को ही मुख्य रूप से स्पष्ट हो पाएगा, लेकिन सभापति व अध्यक्ष पदोंं के लिए भाजपा व कांग्रेस ने बाड़ेबंदी और कड़ी कर दी भाजपा ने Why did you become an independent King Maker in Bhilwara, know the who
भाजपा का ६२ प्लस का दावा रह गया धरा
भीलवाड़ा नगर परिषद में चुनाव में भाजपा को बड़ा नुकसान हुआ है। गत चुनाव में भाजपा ने ५५ में से ३८ सीट जीत कर पूर्ण बहुमत के साथ बोर्ड बनाया था, लेकिन इस बार परिसीमन से १५ वार्ड बढऩे के बावजूद भाजपा अपने वोट बैंक को मजबूत नहीं कर सकी, विपरीत वोट बैंक में सेंध लग गई। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, संगठकचन्द्रशेखर के दौरे के साथ ही पूर्व राज्य सभा सदस्य नारायण पंचारिया व जिला प्रभारी दिनेश भट्ट का डेरा नामांकन दाखिलें से मतदान दिवस तक भीलवाड़ा में रहा। भाजपा नेताओं ने परिषद चुनाव में ६२ प्लस का दावा करते हुए फिर से बोर्ड बनाने का दावा किया था, लेकिन चुनाव में ६२ प्लस का दावा आधे यानि ३१ में ही सिमट कर रह गया। हालांकि भाजपा को स्पष्ट बहुमत के लिए अभी भी पांच और विजयी प्रत्याशियोंं का समर्थन चाहिए।
भाजपा के कई दिग्गज जीते, कई हारे
भाजपा के जिला महामंत्री रामलाल योगी, पूर्व महामंत्री राकेश पाठक, पूर्व उपसभापति मुकेश शर्मा, पूर्व पार्षद विजय लढ़ा, पूर्व मोर्चा जिलाध्यक्ष मधु शर्मा, प्रशांत त्रिवेदी ,लाभ शंकर चौबे व आरती शेखावत चुनाव जीत गए, लेकिन कई पदाधिकारी व दिग्गज चुनाव हार गए, इनमें जिला महामंत्री बाबूलाल टांक, जिला उपाध्यक्ष ज्योति आशीर्वाद, निशा जैन, जिला कोषाध्यक्ष ललित अग्रवाल, मण्डल अध्यक्ष घनश्याम सिंघीवाल तथा छैल बिहारी जोशी, शहजाद रंगरेज व तुलसीराम शर्मा प्रमुख है। इसी प्रकार पूर्व पार्षद प्रहलाद त्रिपाठी, प्रतिभा माली, गोविन्द राठी, गोविन्द अग्रवाल, राजेश शर्मा, प्रतिमा माली, करण गुर्जर व पूर्व पार्षद शंकर जाट की भाभी भी चुनाव नहीं जीत सके। दूसरी तरफ भाजपा के बागियों में मुख्यत: पूर्व महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रेखा पुरी, राजेन्द्र पोरवाल, कैलाश मूंदडा, सुशीला जैन, ओमप्रकाश सांइराम, शांतिलाल डाड व कैलाश शर्मा ने चुनाव जीता है।
जिलाध्यक्षों के वार्ड में पार्टी चित्त
वार्ड संख्या ६२ में भाजपा व कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रहते है, लेकिन दोनों ही पार्टी के प्रत्याशी हार गए। यहां कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सेन तो १३५ मतों के साथ चौथे नम्बर पर रहे। वार्ड में भाजपा के बागी व निर्दलीय प्रत्याशी ओमप्रकाश सांईराम जीते। इसी प्रकार सांसद सुभाष बहेडिया, विधायक विठ्ठलशंकर अवस्थी के वार्ड में भी उनकी पार्टी नहीं जीत सकी, हालांकि पूर्व सभापति मंजू चेचाणी के वार्ड में भाजपा जीती है।
17 निर्दलीय में २ एसडीपीआई व दो कांग्रेस समर्थक
भाजपा के वोट बैंक में सेंध का मुख्य कारण पार्टी के ही बागी कार्यकर्ताओं के चुनाव मैदान में डटे रहना माना जा रहा है । 18 बागी प्रत्याशियों में से 12 बागी प्रत्याशियों ने चुनाव जीत कर यह भी बता दिया कि टिकट के बंटवारे में भाजपा ने उनके साथ न्याय नहीं किया। गत चुनाव में भीलवाड़ा नगर परिषद में 9 निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव जीते थे। इस बार निर्दलियों का आंकड़ा बढ़ कर 17हो गया। 17 में २ प्रत्याशी एसडीपीआई पार्टी व २ कांग्रेस के समर्थक है।
कांग्रेस की पकड़ मजबूत, हारे भी तो जीते भी
कांग्रेस ने नगर परिषद चुनाव में इस बार स्थिति मजबूत की है। वर्ष २०१५ के चुनाव में कांग्रेस महज ५५ में से ८ सीट ही जीत सकी। लेकिन इस बार सीटों की संख्या करीब तीन गुणा के करीब पहुंचाते हुए २२ सीट जीती है। हालांकि कांग्रेस ने यहां परिषद में भी बोर्ड बनाने का दावा किया था। कांग्रेस को बोर्ड बनाने के लिए अभी १४ विजयी प्रत्याशियों का समर्थन चाहिए। कांग्रेस के दोनों पूर्व सभापति ओमप्रकाश नराणीवाल व मंजू पोखरना के अतिरिक्त प्रतिपक्ष नेता समदु देवी चुनाव जीते है, पूर्व पार्षद जितेन्द्र दरियानी व लुत्फी की पत्नी ने भी चुनाव जीते है। पूर्व पार्षद डालचंद जाट, मोहम्मद उस्मान पठान, जितेन्द्र सिंह राजावत, महेन्द्र घबरानी भी जीते है। हालांकि कांग्रेस के पूर्व पार्षद बलविन्दर गिल व मनोज पालीवाल चुनाव हार गए। इसी प्रकार अर्चना दुबे, मोहसिन अली व राजकुमार घावरी भी चुनाव नहीं जीत सके
जहाजपुर, शाहपुरा व गंगापुर में भाजपा की जीत
जहाजपुर नगर पालिका चुनाव में भाजपा ने 25 में से 13 सीट जीते हुए बोर्ड के लिए स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। यहां कांग्रेस को ८ व निर्दलियों को 4 सीट मिली है। शाहपुरा नगर पालिका चुनाव में भाजपा ने 35 में से 21 सीट जीते हुए स्पष्ट बहुमत हांसिल किया है। यहां कांग्रेस को ८ व निर्दलियों को 6 सीट मिली है। चुनाव परिणाम के अनुसार गंगापुर नगर पालिका चुनाव में 25 में से 13 सीट भाजपा ने जीती है जो कि स्पष्ट बहुमत का आंकड़ा है। यहां १२ सीट कांग्रेस ने जीती है।
आसींद में कांग्रेस का बोर्ड तय
आसींद नगरपालिका चुनाव में कांग्रेस ने 25 में से 13 सीटें जीते हुए बोर्ड के लिए स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। यहां भाजपा 9 सीट पर विजय रही। निर्दलीय प्रत्याशी 3 वार्ड में चुनाव जीते है
गुलाबपुरा व मांडलगढ़ में निर्दलियों का रहेगा सहारा
गुलाबपुरा व मांडलगढ़ नगर पालिका चुनाव में कांटे की टक्कर रही है। यहां बोर्ड की चुनाव की चाबी निर्दलियों के हाथ में रहेगी। गुलाबपुरा नगर पालिका में 34 वार्ड में से 16 पर कांग्रेस जीती है। जबकि 15 पर भाजपा प्रत्याशी जीते है। 3 वार्ड में निर्दलीय जीते है। मांडलगढ़ नगर पालिका चुनाव में 20 सीट में से 8 सीट भाजपा ने जीती है। यहां कांग्रेस व निर्दलीय ने 6-6 सीट जीती है।