90 फीसदी होगा अनुदान, एनजीओ भी खोल सकते हैं पशु आश्रय स्थल
भीलवाड़ा. गोशाला खोलने पर अब राज्य सरकार 90 फीसदी अनुदान देगी। अनुदान तीन किस्त में दिया जाएगा। दस फीसदी राशि संस्था को वहन करनी होगी। अधिकतम एक करोड़ रुपए की राशि से काऊ शैड, चारा भंडार ग़ृह, बाऊंड्री वॉल, ग्रेवल रोड, इंटर लॉकिंग टाइल्स, प्रशासनिक भवन, चिकित्सा सुविधा, अंडरग्राउंड वाटर टैंक, ट्यूबवैल, पानी की खेली, चारा ठाण, पानी की निकासी, विद्युत संबंधी कार्य, गोपालक आवास और अन्य निर्माण कराए जा सकेंगे।
राशि पशु आश्रय स्थल जनसहभागिता योजना के तहत दी जाएगी। इसमें जिन पंचायतों में गोशालाएं नहीं है, वहां पंचायत गोशाला अथवा पशु आश्रय स्थल खोलने का प्रावधान किया है। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अल्का गुप्ता ने बताया कि जिले में 52 गोशाला है। राज्य सरकार चरणबद्ध रूप से पशु आश्रय स्थल खोलेगी। पंचायत अथवा चयनित गैर सरकारी संस्था यानी एनजीओ इनका निर्माण एवं संचालन करेंगे।
इसके लिए संबंधित पंचायत अथवा एनजीओ के पास पशु आश्रय स्थल के लिए 5 बीघा भूमि स्वयं अथवा लीज या 200 गोवंश की गोशाला आवश्यक है। 200 गोवंश की देखभाल का कार्य न्यूनतम 20 वर्ष करना होगा। जिन पंचायतों में पहले से गोशाला या नंदीशाला नहीं है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
ऐसे होगा चयन
संचालन करने वाली संस्था का चयन पारदर्शी प्रक्रिया से जिला गोपालन समिति के माध्यम से ऑफलाइन खुली निविदा जारी कर किया जाएगा। जिला गोपालन समिति का दायित्व पशु आश्रय स्थल स्थापित करने का रहेगा। इसमें कलक्टर अध्यक्ष एवं पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक सदस्य सचिव होंगे। पंचायत समिति स्तर पर निर्माण की गुणवत्ता की जांच, मूल्यांकन और मॉनिटरिंग के लिए समिति होगी। इसके अध्यक्ष उपखंड अधिकारी एवं सदस्य सचिव पशुपालन विभाग के उप निदेशक होंगे।