
भीलवाड़ा।
शहर के गांधीनगर स्थित पुराने आरटीओ रोड पर तीन दिन पूर्व निजी अस्पताल में महिला के ऑपरेशन के बाद हाई सेंटर रैफर करने के बाद वहां मौत हो जाने से गुस्साए परिजनों ने शनिवार शाम को अस्पताल के मुख्य द्वार पर शव रखकर प्रदर्शन किया। इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते परिजनों के हंगामा करने से माहौल गरमा गया। साढ़े तीन घण्टे चले प्रदर्शन के बाद मुआवजे पर सहमति के बाद परिजन शव ले जाने पर राजी हुए। इस दौरान पुलिस व आरएसी का जाप्ता वहां तैनात रहा।
जानकारी के अनुसार बनेड़ा क्षेत्र के मूसी निवासी सम्पत तेली की पत्नी लाली (30) को पेट दर्द की शिकायत पर गुरुवार को गांधीनगर के गुप्ता हॉस्पीटल भर्ती कराया। वहां डॉ. अनिता गुप्ता ने लाली की जांच की। इसमें वह डेढ़ माह की गर्भवती निकली। उसके पेट में गर्भ ट्यूब में फंसा था। उसका तत्काल ऑपरेशन किया गया। इसके बाद लाली की हालत ज्यादा बिगड़ गई। उसे हाई सेंटर रैफर कर दिया गया। परिजन उदयपुर ले गए। उसकी शनिवार सुबह मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हंगामा कर दिया। शव भीलवाड़ा पहुंचते ही गुप्ता हॉस्पिटल के मुख्य द्वार पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। गेट पर अंतिम संस्कार के लिए लकडि़यां भी मंगवा ली। इससे माहौल और गरमा गया।
परिजनों का आरोप था कि ऑपरेशन के दौरान रक्त की नली कट गई। इससे रक्तस्त्राव होता रहा। रैफर के दौरान साथ गया कम्पाउंडर भी रास्ते से भाग गया। सूचना पर प्रतापनगर थानाधिकारी प्रकाश भाटी वहां पहुंचे। लादूलाल तेली व पार्षद गोपाल तेली समेत कई लोग वहां पहुंचे। वार्ता का दौर शुरू हुआ। समझाइश नहीं बन पाने से उपखंड अधिकारी ओमप्रभा व पुलिस उपाधीक्षक भंवर रणधीरसिंह भी वहां आ गए। करीब साढ़े तीन घण्टे चली समझाइश के बाद देर शाम परिजन शव ले जाने पर राजी हुए।