रामधाम में चल रही विशेष प्रवचन माला
भीलवाड़ा।
संतो की शिक्षा स्थली विद्या लोक न्यास के संस्थापक संत धर्मानंद ने कहा की व्यक्ति को जीवन में जात-पात, मजहब व धर्म से ऊपर उठकर कार्य करना चाहिए। भेदभाव व प्रतिस्पर्धा को कभी भी जीवन में जगह नहीं देनी चाहिए। संत शुक्रवार को रामधाम में चल रही प्रवचन माला के तहत श्रद्धालु को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा की जो व्यक्ति जात-पात, मजहब व धर्म से ऊपर उठकर कार्य करता है वह निश्चित ही जीवन का आनंद उठाता है। आत्मा को स्वप्न रूप बताते हुए संत ने कहा की स्वप्न में राजा बनना और भिखारी बनना चलता रहता है। जागने पर ही हमें सही रूप दिखाई देता है। इसलिए अभी भी समय है स्वप्न की दूनिया से बाहर आओ। जागते हुए जीवन का आंनद लो। सुख व दुख जीवन का चक्र है इससे छूटकारा पाना मुश्किल है। ट्रस्ट के प्रवक्ता गोविंद प्रसाद सोडाणी ने बताया की रामधाम में प्रतिदिन सुबह 10 से 11 बजे तक प्रवचन माला चल रही है।