भिंड

पर्यटकों के लिए खुशखबरी… MP में शुरू होगी ऊंट सफारी, इन सुंदर इलाकों का कराएगा सफर

MP Tourism: नवंबर से ऊंट सफारी शुरू हो सकती है। रोमांचक सफर में पर्यटक डॉल्फिन-घड़ियाल देख सकेंगे। टिकट का प्राइस भी किया गया तय।
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Oct 31, 2025
ater fort to chambal river camel safari dolphin gharial mp tourism
ater fort to chambal river camel safari dolphin gharial mp tourism (फोटो- freepik)

Camel safari: भिण्ड के अटेर क्षेत्र को टूरिज्म के लिहाज से विकसित करने ऊंट सफारी की शुरुआत नवंबर महीने में हो सकती है। पर्यटन विभाग (mp tourism) ने सफारी के संचालन करने के लिए समिति गठित कर दी है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सफारी का प्रोजेक्ट अंतिम चरण में है। भोपाल से स्वीकृति मिलते ही अटेर में सैलानी ऊंटों की सैर कर सकेंगे।

3 किलोमीटर की होगी सफारी, टिकट की कीमत तय

बता दें कि, अटेर में ऊंट सफारी के लिए 10 से 11 ऊंट समिति खरीदेगी। यह ऊंट किले (Ater fort) से अपनी सैर शुरू करेंगे और चंबल नदी (Chambal River) तक पर्यटकों को सैंक्चुरी का भ्रमण कराते हुए डॉल्फिन और घड़ियालों का सुंदर नजारा दिखाएंगे। करीब तीन किमी का भ्रमण कराने के बाद पर्यटकों को ऊंट वापस किले तक छोड़ेगा। प्रति टूरिस्ट ऊंट की बुकिंग का टिकट 500 रुपए रखा गया है, जिसमें समिति और ऊंट मालिक को हिस्सेदारी दी जाएगी। वन विभाग ने तैयारी कर ली है। अनुमति मिलते ही सफारी शुरु की जाएगी।

वन्य जीव अभयारण्य की जरूरत

अटेर में करीब पांच हजार हेक्टेयर में वनक्षेत्र है। जनप्रतिनिधि ध्यान दें तो वन्य जीव अभ्यारण्य बनाया जा सकता है। चंबल के बीहड़ से लगी इटावा की लॉइन सफारी देखने के लिए बड़ी संया में टूरिस्ट पहुंचते हैं। इटावा की तरह अटेर में पर्याप्त बीहड़ है। यहां भी बड़े पार्क विकसित करके क्षेत्र को समृद्ध बनाया जा सकता है।

ढाई साल से चल रही सफाई की कवायद

चंबल में ऊंट सफारी को वन विभाग ने शुरु करने का प्रस्ताव ढाई साल पूर्व तैयार किया गया था। साल 2024 में सफारी शुरु होनी थी, लेकिन समिति का गठन न होने के कारण सफारी का प्रोजेक्ट पिछड़ गया। अधिकारियों का कहना है कि ऊंट सफारी को चालू करने की सभी जरूरतों को पूरा कर लिया गया है। लेकिन विभागीय अनुमति न मिलने के कारण देरी हो रही है। सर्दी के मौसम में टूरिस्ट अटेर पहुंचते हैं। चंबल पुल चालू होने के बाद अटेर में आगरा, मथुरा और दिल्ली तक के पर्यटक आने लगेंगे।

सफाई शुरू होने से क्षेत्र में पयर्टन को मिलेगा बढ़ावा

  • मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग ने सफारी संचालन के लिए समिति गठित की
  • किले से चंबल नदी तक ऊंटों पर होगा तीन किलोमीटर का रोमांचक सफर
  • पर्यटक देख सकेंगे डॉल्फिन और घड़ियालों का मनमोहक नजारा
  • प्रति पर्यटक टिकट 500 रुपए, समिति व ऊंट मालिक को मिलेगा हिस्सा
  • वन विभाग ने क्षेत्रीय तैयारी पूरी की, भोपाल से अनुमति का इंतजार परियोजना
  • ढाई साल से अटकी थी, अब नवंबर में मिल सकती है मंजूरी

मंजूरी का है इंतजार

समिति, टिकट और ऊंटों की संया तय कर ली है। विभागीय अनुमति के लिए प्रस्ताव गया है। इस महीने अनुमति मिल सकती है, जिसके बाद सफारी को शुरु किया जाएगा।- बसंत शर्मा, रेंजर, वन विभाग भिण्ड

Published on:
31 Oct 2025 12:59 pm