-नगर पालिका की बड़ी लापरवाही का वीडियो-लंपी वायरस से मृत गायों को नदी में फेंका-विभाग की लापरवाही ने बढ़ाया संक्रमण का खतरा-वीडियो सामने आने के बाद 2 कर्मचारियों को हटाया
भिंड. देशभर में लगातार लंपी वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। मध्य प्रदश समेत देश के कई राज्यों में गौवंश की मौत का तांडव चल रहा है। जहां एक तरफ केंद्र और राज्य सरकार लंपी वायरस के प्रति जागरूकता फैलाने और संक्रमण से बचाव के तरीके बताने का कार्य कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ सूबे के भिंड जिले में गोहद में नगर पालिका की गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां विबाग द्वारा लंपी वायरस से ग्रस्त होकर जान गवाने वाले गौवंश के शव को नदी में फेंकने का मामला सामने आया है। मामले में उस समय हड़कंप मच गया, जब घटना का एक वीडियो सामने आया। वीडियो सामने आने के बाद नगर पालिका ने दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें हटा दिया है।
वैसे तो अबतक लंपी वायरस स्रिफ जानवरों में ही देखा गया संक्रमण है। फिलहाल, इंसानों पर इसका कोई केस सामने नहीं आया है। लेकिन, इन मृत मवेशियों के शव से दूषित पानी पीने से लोगों के स्वास्थ्य और जान दोनों पर ***** बन सकता है। लोगों को जन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार नगर पालिका के कर्मचारी ही लोगों की जान से खिलवाड़ करते हुए कैमरे में कैद हुए हैं। जिसमें गोहद नगर पालिका के कर्मचारी ही ट्रैक्टर से गौवंश के शव को वेसली नदी पर बने छोटे पुल से फेंकते नजर आ रहे हैं। ऐसे में नदी में डाले गए मवेशियों के शव लंपी वायरस से ग्रसित होने की संभावना जताई जा रही थी। अगर ऐसा हुआ तो नदी के पानी के संपर्क में आने वाले इंसानों के साथ साथ जानवरों पर भी संक्रमण का असर पड़ सकता है।
दो कर्मचारियों पर गिरी गाज
लापरवाही वाले इस वीडियो के सामने आने के बाद जब नगर पालिका सीएमओ सतीश कुमार दुबे से मीडिया द्वारा जब इसपर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि, ये घोर लापरवाही है। नगर पालिका के दोनों कर्मचारी दैनिक वेतन भोगी है। इसलिए उन्हें नगर पालिका से हटा दिया गया है। साथ ही, अन्य सभी ड्राइवर और कर्मचारियों को हिदायत दी जा चुकी है कि, इस तरह की लापरवाही आगे नहीं होनी चाहिए। वहीं, सीएमओ ने ये भी कहा कि, मृत गौवंश लंपी वायरस से ग्रस्त नहीं था। वो सड़क हादसों का शिकार हुआ था। इस तरह के मवेशियों को नगर के केशव पार्क की जमीन पर गड्ढा बनाकर दफनाया जाता है। उन्होंने कहा कि, गोहद क्षेत्र में लंपी वायरस से मवेशियों की मौत का अब तक एक भी मामला सामने नहीं आया है।