भिंड

सिंचाई विभाग की लापरवाही से थ्री-आर नहर फूटी, 100 बीघा सरसों-गेहूं की फसल में नुकसान

राऊपुरा से होकर निकली नहर कई गांवों के किसानों की जीवनदायिनी है, लेकिन सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते यह नहर किसानों के लिए दंश बन गई है। दौनियापुरा के किसान रामवरन सिंह, हरज्ञान सिंह, अशोक सिंह, बदनसिंह, हरनाम सिंह, रामअवतार सिंह, छोटेसिंह, जगढि़या के किसान नाथूसिंह की फसल में पानी भर गया है।

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Dec 28, 2025

भिण्ड. गोरमी क्षेत्र के गांवों से होकर निकली थ्री-आर नहर दौनियापुरा और रजगढि़या में फूट गई। जिससे दोनों ही गांव की एक सैकड़ा से अधिक सरसों-गेहूं की फसल में नुकसान है। किसान जेसीबी से खेतों की खाई खोदकर पानी निकाल रहे हैं। सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग ने नहर में पानी बंद करवा दिया है। किसानाें ने पूर्व में ही विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया था कि नहर जगह-जगह टूटी पड़ी है। बिना मरम्मत के यदि पानी छोड़ा गया ताे फसलों में नुकसान होगा। लेकिन चेतावनी के बाद भी अधिकारियाें ने ध्यान नहीं दिया।

बता दें राऊपुरा से होकर निकली नहर कई गांवों के किसानों की जीवनदायिनी है, लेकिन सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते यह नहर किसानों के लिए दंश बन गई है। दौनियापुरा के किसान रामवरन सिंह, हरज्ञान सिंह, अशोक सिंह, बदनसिंह, हरनाम सिंह, रामअवतार सिंह, छोटेसिंह, जगढि़या के किसान नाथूसिंह की फसल में पानी भर गया है। किसान खुद ही खेतों से पानी निकालकर नहर की मरम्मत व सफाई का काम जेसीबी से करवा रहे हैं। जबकि विभाग के अधिकारी सर्वे तक करने नहीं पहुंचे हैं।

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पत्रिका ने पहले किया था आगाह

थ्री आर नहर की स्थिति को लेकर पत्रिका ने 16 दिसंबर को सिंचाई विभाग के अधिकारियों को आगाह किया था। इस संबंध में अपने अंक में ''लाखों खर्च के बाद भी नहरों का नहीं कराया मेंटेनेंस, पानी छोड़ा तो फसलों का होगा नुकसान' से खबर भी प्रकाशित की थी। सिंचाई विभाग के एसडीओ महेंद्र अगरैया ने नहर का निरीक्षण कर मरम्मत कराने की बात कही थी, लेकिन जिम्मेदारों ने शासन से मिली मरम्मत व सफाई की राशि को नहर में खर्च नहीं किया। जिसके कारण नहर में पानी छोड़ते ही दौनियापुरा और रजगढि़या गांव में खेतों में खड़ी फसल पानी में डूब गई है।

लाखों का बजट खुर्दबुर्द:

नहर की सफाई के लिए हर साल लाखों रुपए का बजट सिंचाई विभाग को दिया जाता है, लेकिन सफाई मरम्मत और सफाई का कार्य नहीं किया गया है। पिछले पांच साल से थ्री-आर नहर में झाडि़यां खड़ी हैं। ग्रामीणों ने अतिक्रमण कर खेतों में तोड़ लिया है। पिछले साल भी नहर में पानी छोड़ने से किसानों की 100 बीघा से अधिक फसल खराब हुई थी। लापरवाही के चलते इस साल भी यही स्थिति बनी है।

कटता पर 40 हजार रुपए में जमीन ली थी। उसमें खड़ी सरसों की फसल में नहर का पानी भर गया है। प्रशसन नुकसान का सर्व कर मुआवजा दे।

राधाकृष्ण सिंह, किसान दौनियापुरा

नहर में पानी बंद करवा दिया है। जहां फूटी थी, वहां मरम्मत करवा दी है। किसानों के खेतों में पानी भर गया है, जिसे निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

महेंद्र अगरैया, एसडीओ, सिंचाई विभाग गोरमी

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Updated on:
28 Dec 2025 05:32 pm
Published on:
28 Dec 2025 05:31 pm
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