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कागजों में विकास, जमीन पर अधूरे पड़े काम, ग्रामीणों ने की शिकायत

गोरमी क्षेत्र के सुकांड निवासी जगदीश ने बताया कि 18 मार्च 2025 से गांव में गोचर भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ शिकायत करने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है।
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भिंड

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Vikash Tripathi

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Updated: 11 Mar 2026, 12:16 AM IST

bhind news

भिण्ड. जन सुनवाई में निरंतर चक्कर काट रहे ग्रामीणों की सुनवाई नहीं हो रही है। पिछली तीन सुनवाई से आ रहे ग्रामीणों ने कहा कि राशि निकालने के बावजूद कार्य पूर्ण नहीं कराए जा रहे हैं। वहीं चरनोई की भूमि से कब्जा हटवाने के लिए भी ग्रामीण शिकायत लेकर पहुंंचे।

ग्राम पंचायत सायपुरा से आए लोगों ने बताया कि विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए लाखों रुपए की राशि निकालने के बावजूद मौके पर कार्य पूरे नहीं कराए हैं। ग्रामीण अक्टूबर से निरंतर शिकायत कर रहे हैं इसके बावजूद निराकरण नहीं हो रहा है। गांव के रसाल ङ्क्षसह सहित अन्य लोगों ने जन सुनवाई में बताया कि मुक्तिधाम का निर्माण कागजों में तो किया जा चुका है, लेकिन भौतिक रूप से कुछ नहीं हुआ। मां पीतांबरा ट्रेडर्स के बिल लगाकर भुगतान ले लिया। इसी प्रकार डग पाइंट, खेत तालाबों का भी पैसा निकाल लिया गया है और काम हुआ नहीं है। ग्रामीणों ने वर्ष 2022-25 के बीच की जांच पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ग्राम सडक़ एवं अधोसंरचना योजना में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपए खर्च दिखा गया है, लेकिन गुणवत्ता बेहद खराब है। ग्रामीणों ने बिल नंबर, स्वीकृत राशि और कराए कार्य की पूरी सूची सौंपकर सरपंच व सचिव के खिलाफ जांच व कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने हैरानी जाहिर की कि छह माह से निरंतर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

एक साल बाद भी गोचर से नहीं हटा अतिक्रमण

गोरमी क्षेत्र के सुकांड निवासी जगदीश पुत्र भैरो ङ्क्षसह ने बताया कि 18 मार्च 2025 से गांव में गोचर भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ शिकायत करने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है। उसी जमीन पर सुरेंद्र ङ्क्षसह ने तीन मंजिल भवन का निर्माण करवा लिया है। इसकी शिकायत भी 22 अगस्त 2023 को की गई गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। गोचर भूमि के कुछ हिस्से पर फसल उगाई जा रही है, जिसे कुर्क करने की मांग की गई है।

कोटवार पद पर गलत तरीके से नियुक्ति

गोरमी में राजस्व विभाग के अधीन कोटवार रामसहाय की एक जुलाई 2012 को मृत्यु हो गई थी। उनकी कोई संतान नहीं थी, इसिलए उनकी पुत्र नेमा देवी ही वैध वारिश थीं और अनुकंपा नियुक्ति मिलनी चाहिए थी। लेकिन अधिकारियों तिलक ङ्क्षसह पुत्र गोपीराम की नियुक्ति मनमाने तरीके से कर दी गई। वर्तमान में तिलक ङ्क्षसह ग्राम बहेरा, ग्राम पंचायत पृथ्वीपुरा, तहसील मेहगांव में पदस्थ हैं। नेमा देवी ने जांच और नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

30 दुकानों में से महज चार का ही उपयोग

नगर परिषद गोरमी में सीएमओ ने 50 दुकानें सब्जी मंडी के लिए देकर अधिकार पत्र दिए थे। इस संबंध में 30 अप्रेल 2021 को अधिकार पत्र दिए जाने थे, लेकिन 50 दुकानों में से सिर्फ चार दुकानें ही सब्जी मंडी से लगी हैं। बाकी में ताला लगा हुआ है। कोई दुकानदार सब्जी मंडी में आकर खुश नहीं है। सभी कारोबारी मनमाने तरीके से रोड किनारे कारोबार कर रहे हैं। नीलामी के समय नगर परिषद ने कहा था कि सबज्ी मंडी की दुकानों में सिर्फ मंडी लगेगी, लेकिन मंडी रोड पर लगने से दुकानों का नियमानुसार संचालन नहीं हो पा रहा है। कचनाव रोड पर मंडी लगने से जाम लगता रहता है।