
मेहगांंव. रात में पत्नी ने फांसी लगाई अल सुबह पति ने उसे फंदे पर लटका देखा तो उसने भी कट्टे से गोली मारकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के उपरांत मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
मेहगांव कस्बे के वार्ड क्रमांक ०१ शांतिनगर में गुरुवार की अल सुबह २० वर्षीय नवविवाहिता दीक्षा शर्मा का शव उसके ही कमरे में फंदे पर लटका हुआ उसके पति श्याममोहन शर्मा ने देखा। इससे पहले कि वह इस संबंध में परिजनों या किसी अन्य को बताता उसने दूसरे कमरे में जाकर खुद को कट्टे से गोली मारकर खत्म कर लिया।
६३ दिन पूर्व दांपत्य जीवन में बंधा था जोड़ा
विदित हो कि दीक्षा और श्याममोहन शर्मा १८ अप्रैल २०१८ को दांपत्य जीवन में बंधे थे। ६२ दिनों में ऐसा क्या हुआ जो पति-पत्नी को आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। बताया गया है कि पति-पत्नी के बीच बुधवार की रात किसी बात को लेकर हलका मुंहवाद हुआ था, लेकिन इससे परिवार के किसी भी सदस्य को ये अहसास नहीं था कि अगली सुबह दोनों ही आत्महत्या जैसा कदम उठा लेंगे।
दो दिन पूर्व ही श्याममोहन पत्नी को लेकर आया था पीहर से
१७ जून को श्याममोहन शर्मा अपनी पत्नी दीक्षा को उसके पीहर से विदा कराकर लाया था। रात में किसी बात पर झगडऩे के बाद दोनों सो गए थे। अल सुबह छह बजे आंख खुलने पर श्याममोहन शर्मा ने देखा कि पास में ही उसकी पत्नी दीक्षा का शव फंदे पर लटका हुआ है। ऐसे में वह दूसरे कमरे में गया और कट्टे से खुद को गोली मार ली।
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जांच के लिए लिए नमूने
घटना के उपरांत पुलिस अधिकारियों के अलावा फॉरेंसिंक विशेषज्ञ डॉ. अजय सोनी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे जहां उन्होंने दोनों ही कमरों का मुआयना करने के उपरांत मौके से जांच के लिए नमूने भी ले लिए हैं। इधर बेटे और पुत्रवधू द्वारा आत्महत्या कर लिए जाने के बाद वीरेंद्र शर्मा और उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।