महाशिवरात्रि पर भगवान भोले की शाही बारात निकली। गौरी सरोवर किनारे काली माता मंदिर से महादेव की निकरोसी हुई तो खटीक समाज के लोगों ने 7100 रुपए का तिलक किया। इसके बाद महादेव महाकालेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे, जहां से शाही लालबत्ती की पालकी, श्रीराम दरबार सहित अन्य धार्मिक झांकियों के साथ शाही बारात निकली।

भिण्ड. हालांकि बारात 4.30 बजे से शुरू होनी थी, लेकिन भीड़ और प्रबंधन की वजह से साढ़े छह बजे के बाद शुरू हो पाई।
बारात शुरू होने से पहले महादेव की खास पालकी को कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. असित यादव ने कांधा दिया। वहीं कलेक्टर ने दूल्हा बने शिव का पूजन भी किया माला पहनाई। इसके बाद भोले गणों, श्रीराम दरबार सहित अन्य धार्मिंक प्रसंगों पर सजी झांकियों के साथ बारात रवाना हुई। बारात में हजारों की ंसख्या में शहर के महिला, पुरुष एवं बच्चे शामिल हुए और भजनों पर नाचते गाते और थिरकते हुए चले। बारात के स्वागत के लिए शहर में आधा सैकड़ा स्थानों पर बारात के स्वागत के खास प्रबंध किए गए। बारातियों को आइसक्रीम, शीतलपेय, फलाहार की व्यवस्था की गई। बारात के समय शगुन के तौर पर गाए जाने वाले खास गाली गीत भी बजाए गए। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने महादेव की आरती उतारी, प्रसाद चढ़ाया और पूजा-अर्चना की।
महादेव के सवार होते ही जलने लगी लाल बत्ती
महादेव की बारात के लिए खास तौर से लालबत्ती की पालकी तैयार की गई है। जैसे ही महादेव को पालकी में सवार किया गया, लालबत्ती जलने और घूमने लगी। बारात हाउसिंग कॉलोनी, लश्कर रोड, परेड चौराहा, सदर बाजार होते हुए वनखंडेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। जहां भगवान शिव-पार्वती के विवाह की रश्म पूरी गई। संगीतमय झांकियां बाहर के कलाकारों ने सजाईं। श्रीराम मंदिर पर आधारित विशेष कांवड़ के साथ श्रीरामलला की तस्वीर के साथ रामदरबार बारात में सजाया गया। सदर बाजार, गांधी मार्केट, हनुमान बजरिया होकर माधौगंज हाट तक पहुंचने में आधी रात तक समय लग जाएगा। इसके बाद वनखंडेश्वर महादेव मंदिर के सामने एक परिसर में विवाह की रस्म पूरी होगी, बारातियों को भोज होगा और अन्य औपचारिकताएं होंगी।