भिंड

पुलिस की गिरफ्त में फर्जी मी लॉर्ड, खुद को बताता था जज

उत्तरप्रदेश का रहने वाला है युवक, जज की परीक्षा में सिलेक्शन न होने के बाद माता-पिता व पत्नी को खुश रखने बोला था झूठ...
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Updated: 18 May 2021, 8:35 PM IST
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भिंड. भिंड पुलिस ने एक फर्जी जज को पकड़ा है। आरोपी का नाम दीपक भदौरिया है जो उत्तर प्रदेश के छिपरा मऊ का रहने वाला है और भिंड में सिविल जज बनकर रह रहा था। आरोपी युवक ने अपनी गाड़ी, घर की नेमप्लेट और विजिटिंग कार्ड पर अपने आप को जज लिखा रखा था। पुलिस को इसके बारे में सूचना मिली थी। पुलिस ने जब आरोपी को पकड़ा तो पहले तो वो अंग्रेजी में पुलिस पर रौब झाड़ने लगा लेकिन बाद में माफी मांगते हुए खुद के फर्जी जज बनने की वजह का खुलासा कर दिया।

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1 साल से फर्जी जज बनकर रह रहा था युवक
पुलिस को बीते दिनों सूचना मिली थी कि उत्तरप्रदेश का एक युवक भिंड शहर में फर्जी जज बनकर रह रहा है और संभवत: मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश के कुछ लोगों से केसों को रफा-दफा करने के एवज में ठगी कर रहा है। पुलिस ने सूचना को गंभीरता से लिया और मामले की तफ्तीश की तो पाया कि शहर के स्वतंत्र नगर इलाके में एक युवक किराए के मकान में रह रहा है जिसने कि घर के बाहर सिविल जज की नेम प्लेट लगा रखी थी। इतना ही नहीं आरोपी दीपक ने अपनी गाड़ी पर भी सामने न्यायाधीश लिखवाया हुआ था।

पहले झाड़ी रौब और फिर बताई सच्चाई
पुलिस ने आरोपी दीपक भदौरिया को गिरफ्तार करने से पहले पूरी तरह से तफ्तीश की और उसके फर्जी होने की पुष्टि होने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद पहले तो आरोपी दीपक पुलिस पर रौब झाड़ता रहा और अंग्रेजी में काफी बहस की लेकिन फिर सच कबूल लिया। आरोपी ने पुलिस को बताया है कि उसने जबलपुर से वकालत की डिग्री की है और कानपुर में रहकर सिविल जज की पढ़ाई की। आरोपी के मुताबिक उसकी मां बीमार रहती है और पिता ने भी पढ़ाई पर काफी पैसा खर्च किया था। लेकिन उसका सिलेक्शन सिविल जज के लिए नहीं हुआ तो उसने घर वालों से झूठ बोला कि वो सिविल जज बन गया है और तब से ही वो फर्जी जज बन गया। आरोपी के दो बच्चे भी हैं जो अपनी मां के साथ आरोपी के माता-पिता के पास रहते हैं और आरोपी अकेले भिंड में किराए के मकान में रहता था।

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