भिण्ड. आधी रात के समय बजरंगदल कार्यकर्ताओं द्वारा ट्रक में भरे २२ बछड़ों को पकड़वाया गया था। कार्यकर्ताओं और पुलिस को देख चालक बछड़ों से भरे ट्रक को छ
भिण्ड. आधी रात के समय बजरंगदल कार्यकर्ताओं द्वारा ट्रक में भरे २२ बछड़ों को पकड़वाया गया था। कार्यकर्ताओं और पुलिस को देख चालक बछड़ों से भरे ट्रक को छोड़कर फरार हो गया था। इधर पुलिस ने बछड़ों को जब बजरंगदल कार्यकर्ता तथा गोशालाओं के सुपुर्द करना चाहा तो उन्होंने जिम्मेदारी से हाथ पीछे खींच लिए।
पुलिस के अनुसार ट्रक क्रमांक यूपी ९३ ई ८५८३ में भिण्ड के मेहगांव तथा गोहद आदि इलाकों से गायों के बछड़े लादकर उत्तर प्रदेश के लिए ले जाए जा रहे थे। बछड़ों की खेप यूपी ले जाए जाने की भनक पाकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस को सूचित कर सुभाष चंद्र बोस तिराहे पर चेकिंग प्वॉइंट लगाकर ट्रक पकड़ लिया।
दंदरौआ एवं शहर की गोशालाओं ने भी नहीं दी बछड़ों को शरण : पुलिस के अनुसार पकड़े गए बछड़े भूखे प्यासे थे ऐसे में उनके लिए स्थाई रूप से चारा पानी का इंतजाम कराए जाने के उद्देश्य से बछड़ों से भरा ट्रक दंदरौआ में स्थित गोशाला ले जाया गया, जहां गौशाला प्रबंधन ने बछड़ों को लेने से इंकार कर दिया। ट्रक को वापस भिण्ड स्थित गौशाला ले जाया गया तो वहां भी बछड़ों की परवरिश की जिम्मेदारी से ये कहकर पल्ला झाड़ लिया कि पहले से ही गोशाला में पर्याप्त गायें हैं। विदित हो कि मध्य प्रदेश गोसंवर्धन बोर्ड द्वारा गोशालाओं में गायों व बछड़ों को चारा पानी के लिए लाखों रुपए सालाना अनुदान दिया जा रहा है।
फरियादी बनने कोई नहीं आया आगे
विदित हो कि जब ट्रक थाना परिसर में ले जाया गया तो पहले तो कोई भी बजरंग दल कार्यकर्ता फरियादी बनने के लिए ही तैयार नहीं हुआ। ऐसे में जब टीआई उदयभान सिंह यादव ने आधा दर्जन कार्यकर्ताओं से कहा कि वे तीन-तीन बछड़े ले जाकर उनका लालन पालन करने की जिम्मेदारी ले लें तो कार्यकर्ता निरुत्तर होकर दबे पांव थाना परिसर से खिसक गए।
&बछड़ों को पालने के लिए न तो बजरंगदल कार्यकर्ता और ना ही गोशालाओं ने जिम्मेदारी ली। ऐसे में बछड़ों को जंगल में छोडऩा पड़ा।
उदयभान सिंह यादव, थाना प्रभारी देहात