सिंधिया ने एनएच 719 को फोरलेन बनाने का मांग की, 108 किमी लंबा है हाइवे, उत्तर प्रदेश के इटावा से जोड़ता है हाइवे, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ. रमेश दुबे ने सिंधिया को लिखा था पत्र
भिण्ड. नेशनल हाईवे 719 को टू-लेन से फोरलेन में तब्दील करने की मांग तेज हो रही है. ग्वालियर से बरही तक के इस हाईवे को फोरलेन करने की मांग को लेकर भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ. रमेश दुबे ने केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र लिखा था. डॉ. रमेश दुबे द्वारा दिए गए मांग पत्र को केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी के लिए अग्रेसित कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि नेशनल हाईवे 719 पर यातायात का जबर्दस्त दबाव है. यातायात के बढ़ते दबाव के चलते यहां आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। आलम ये है कि औसतन हर रोज दो से तीन लोगों की मौत हो रही है। समस्या को गंभीरता से लेते हुए भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य डॉ. रमेश दुबे ने केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को इस संबंध में पत्र लिख उन्हें स्थितियों से अवगत कराया.
30 अगस्त को प्रेषित पत्र के माध्यम से उन्होंने सिंधिया को बताया था कि भिण्ड जिले में यातायात की परिस्थितियां विपरीत होती जा रही हैं। उन्होंने पत्र में बताया कि पूर्व में उनसे किए गए आग्रह पर उनके द्वारा 04 फरवरी 2021 को केंद्रीय भूत परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर एनएच 719 को टू-लेन से फोरलेन में तब्दील करने के लिए कहा गया था। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही संपादित नहीं हो पाई है।
मार्ग पर आवागमन में अधिक दबाव के चलते दर्जनों सड़क हादसे हो रहे हैं जिसमें आए दिन लोगों की मौत हो रही है। उक्त पत्र को ज्योतिरादित्य सिंधिया ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी के लिए अग्रेषित कर दिया है. सिंधिया ने पत्र अग्रेसित करते हुए गड़करी को बताया कि भिंड निवासी डॉ. रमेश दुबे ने अपने पत्र में नेशनल हाईवे 719 को फोरलेन बनाने का अनुरोध किया है।
यह हाईवे भिण्ड-ग्वालियर से उत्तर प्रदेश के इटावा को भी जोड़ता है. हाइवे से रोज हजारों वाहन गुजरते हैं जिससे दिक्कतें बढ़ रहीं हैं. इस हाईवे पर बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए इसे टू-लेन से फोरलेन में परिवर्तित किए जाने की बहुत जरूरत है. फोरलेन हो जाने से न केवल नेशनल हाईवे 719 पर वाहन चालकों की सुविधा बढ़ जाएगी बल्कि सड़क हादसे भी थम जाएंगे.