
-कुंडेश्वर महादेव मंदिर में आरती करते विधायक व सांसद।
भिण्ड. मुख्य समारोह गौरी सरोवर किनारे कालेश्वर महादेव मंदिर पर आयोजित किया गया। यहां बड़ी स्क्रीन पर अयोध्या से प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का सीधा प्रसारण दिखाया गया। वहीं कोतवाली के सामने कुंडेश्वर महादेव मंदिर में सुंदरकांड पाठ, महाआरती एवं हवन-पूजन हुआ। सांसद संध्या राय एवं विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह सहित अन्य भाजपा नेताओं ने महाआरती में भाग लिया। वहीं मंशापूर्ण अनुमान मंदिर में अखंड रामधुन दिन भर चली। अटेर रोड के बड़े हनुमान मंदिर पर संगीतमय रामधुन के साथ सुबह नौ बजे हवन एवं 11 बजे से अयोध्या के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। दोपहर मेंं तीन बजे से गो-पूजन, वृद्ध दंपती पूजन, शाम छह बजे से महा दीपोत्सव व रात आठ बजे सुंदरकांड पाठ के साथ भक्तों के लिए विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। महाकालेश्वर महादेव मंदिर पर अयोध्या से सीधा प्रसारण देखने के लिए कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक डॉ. असित यादव, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ. रमेश दुबे, भाजपा जिला उपाध्यक्ष उपेंद्र सिंह भदौरिया, जनपद अध्यक्ष सरोज बघेल, नपाअध्यक्ष के प्रतिनिधि सुनील बाल्मीक, पूर्व जिलाध्यक्ष कोक सिंह नरवरिया शामिल हुए। हनुमान बजरिया, भिण्ड ऋषी मंदिर, वनखंडेश्वर महादेव मंदिर, पाताली हनुमान मंदिर, चंदूकी तिवरिया मंदिर पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। दोपहर में राम मंदिर की यह प्रतिकृति का प्रदर्शन किया गया। यह 84 फीट लंबी एवं 42 फीट चौड़ी मैजिक आर्ट से बनाई गई है। इसके लिए रघुराज तिवारी के साथ टीम में बृजराज तिवारी के संयोजन में जन अभियान परिषद, किशोरी स्पोट्र्स क्लब, नगर पालिका, महिला बाल विकास विभाग की टीम मिलकर मेहनत की है। हाउिसंग कॉलोनी में पत्रिका चौक पर अखंड रामायण पाठ का आयोजन रविवार से ही शुरू किया गया। समापन पर सोमवार को यहां भंडारा आयोजित किया गया। दोपहर में शोभायात्रा निकाली जो पुरानी पचासा स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर पहुंची। वहां से वार्ड 12 एवं 13 के लोगों ने संयुक्त रूप से शोभायात्रा निकाली।
गली मोहल्लों तक सजावट, पूजापाठ
श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सजावट गली-मोहल्लों तक और छोटे मंदिरों तक भी की गई। वहीं नगरपालिका ने हर आयोजन स्थल पर कलई डालकर रास्तों की मार्किंग करवा दी। गौरी सरोवर पर मुख्य समारोह को देखते हुए पुल के पास काली माता मंदिर से आगे दो पहिया एवं चार वाहनों का प्रवेश रोक दिया। शहर में 500 के करीब छोटे-बड़े मंदिरों को सजाया गया। जिले में करीब दो हजार छोटे-बड़े मंदिरों पर सजावट के साथ पूजा-अर्चना और भंडारों का आयोजन किया गया।