मुख्य सचिव को चेयरमेन बनाए जाने की संभावना, शीतकालीन सत्र में पारित हो सकता है एक्ट
भिवाड़ी. भिवाड़ी इंटीग्रेटेड विकास प्राधिकरण (बीडा) को समाप्त कर भिवाड़ी विकास प्राधिकरण (बीडीए) का गठन जल्द होने वाला है। बीडीए का गठन नोएडा विकास प्राधिकरण की तर्ज पर किया जा रहा है। नोएडा प्राधिकरण में राज्य के मुख्य सचिव चेयरमेन होते हैं। बीडा में भी सीएस को ही चेयरमेन बनाए जाने की संभावना है। नोएडा में मुख्य सचिव के चेयरमेन होने से सभी विभागों के प्रिंसिपल सेक्रेटरी सदस्य हैं, इसी तरह बीडीए में भी सीएस के आने से सभी विभागों के प्रिंसिपल सेक्रेटरी सदस्य बन जाएंगे। चेयरमेन बोर्ड बैठक करता है, जिसमें महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित होते हैं, जिसमें जमीन अधिग्रहण, जमीन के बदले जमीन जैसे बड़े मामले शामिल होते हैं। सीएस के चेयरमेन होने से विभाग के साथ अन्य विभाग से जुड़े प्रोजेक्ट को गति मिलने की संभावना रहेगी। जीएसएस के लिए जमीन आवंटन, पेयजल के लिए टंकी निर्माण के लिए जमीन उपलब्धता हो या अन्य कई विभागों से एनओसी लेने जैसे कार्य हों, उन सभी में गति आ जाएगी। बीडीए का एक्ट तैयार हो चुका है। एक्ट शीतकालीन सत्र में पारित होगा।
बीडीए के गठन से पूर्व क्षेत्रीय विकास के कई फॉर्मूले पर भी विचार-विमर्श हुआ है। खैरथल कस्बे और उसके आसपास के कुछ गांव भी बीडीए में शामिल किए गए हैं। वहीं नीमराना-बहरोड़ अलग यूआईटी बनेगी। बीडीए में टपूकड़ा, तिजारा, कोटकासिम, हरसौली के सभी गांव शामिल होंगे। खैरथल और किशनगढ़बास के कुछ गांव शामिल होंगे। इस तरह बीडीए के दायरे में 370 गांव आएंगे। औद्योगिक नगरी के विकास को पंख लगाने के लिए सरकार ने 28 मार्च 2018 को भिवाड़ी इंटीग्रटेड विकास प्राधिकरण (बीडा) का गठन किया लेकिन यहां स्टाफ की कमी हमेशा बड़ी परेशानी रही। बीडा में बड़ी संख्या में पद रिक्त चल रहे हैं। सहायक अभियंता, जेईएन, लिपिक सहित अन्य शाखाओं में पद रिक्त हैं। प्रत्येक शाखा में कर्मचारियों की कमी है। लिपिक की कमी होने से आवंटन शाखा, लीज डीड, नाम परिवर्तन, नीलामी, विधानसभा प्रश्न, गारंटी अधिनियम, राजकीय कार्यालयों को भूमि आवंटन, रिकॉर्ड पत्रावलियों का संधारण, नियमन शाखा और कृषि भूमि के पट्टे सहित अन्य कामों में देरी होती है। 363 गांव के क्षेत्राधिकारी वाली बीडा में जरूरत अनुसार लिपिक भी कार्यरत नहीं है।
शीघ्र ही बीडीए का एक्ट पारित होने के बाद बीडीए गठन कर लिया जाएगा।
अतुल प्रकाश, सीईओ, बीडा