Kali Kholi Dham Bhiwadi: काली खोली धाम में महाकाल कॉरिडोर उज्जैन, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर वाराणसी की तर्ज पर तैयार होने वाले बाबा मोहनराम कॉरिडोर का खाका तैयार हो चुका है।
भिवाड़ी। काली खोली धाम में महाकाल कॉरिडोर उज्जैन, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर वाराणसी की तर्ज पर तैयार होने वाले बाबा मोहनराम कॉरिडोर का खाका तैयार हो चुका है। बीडा ने विकास कार्यों के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराई है। डीपीआर के अनुसार करीब 60 करोड़ रुपए विकास कार्यों पर खर्च होंगे।
विकास कार्यों में गौरवपथ से काली खोली को जाने वाले रोड का सौंदर्यीकरण होगा। रोड पर डिवाइडर के साथ दोनों तरफ फुटपाथ और हरियाली की जाएगी। काली खोली स्थित बांसुरी धर्मशाला से मंदिर परिसर तक सजावटी लाइट लगाई जाएंगी। प्रसाद और फूलमाला वाले दुकानदारों को व्यवस्थित किया जाएगा।
परिक्रमा मार्ग को भी विकसित किया जाएगा। काली खोली में स्थित टूरिज्म पार्क में श्रद्धालुओं के बैठने के लिए जरूरी कार्य किए जाएंगे। श्रद्धालुओं के वाहन खड़े करने के लिए ओपन पार्किंग बनाई जाएगी। इसके साथ ही कॉमन फैसिलिटी सुविधाएं, जिसमें सार्वजनिक शौचालय, पिंक टॉयलेट और बच्चों के खेलने के लिए परिसर में इंतजाम किए जाएंगे।
संवेदक ने एक बार ड्राफ्ट डीपीआर बीडा को प्रस्तुत की, जिसका तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है। तकनीकी परीक्षण के बाद डीपीआर को स्वीकृति दी जाएगी। डीपीआर नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (एनसीआरपीबी) को भेजी जाएगी। वहां से सौंदर्यीकरण के लिए बजट लिया जाएगा। जलभराव की समस्या को दूर करने, स्टेडियम के दूसरे चरण के निर्माण कार्य, भिवाड़ी मोड से खिजूरीबास तक सौंदर्यीकरण, बाबा मोहनराम कॉरिडोर और मास्टर प्लान के रोड निर्माण की डीपीआर तैयार कर एनसीआरपीबी को भेजी जाएगी।
बाबा मोहनराम उद्योग नगरी भिवाड़ी के लोक देवता है। आमजन की आस्था के प्रतीक है। भक्तों की मान्यता है कि भिवाड़ी उद्योग क्षेत्र को संवारने में बाबा मोहनराम की कृपा है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने भक्त को यहां दर्शन दिए, जिसके बाद यहां सैकड़ों वर्षों से अखंड ज्योति की पूजा की जाने लगी।
यहां पर होली और रक्षाबंधन पर साल में दो बार लक्खी मेला भरता है। मेले में लाखों भक्त काली खोली में अखंड ज्योत के दर्शन करने आते हैं। महाकाल और विश्वनाथ की तरह काली खोली में भी कॉरिडोर तैयार होने से यहां आने वाले भक्तों को अच्छा भक्तिमय वातावरण मिल सकेगा, साथ ही उद्योग नगरी की पहचान धार्मिक नगरी के रूप में भी हो सकेगी। धार्मिक पर्यटन भी विकसित हो सकेगा।
बाबा मोहनराम टेंपल कॉरिडोर की ड्राफ्ट डीपीआर मिली है, जिसका तकनीकी परीक्षण चल रहा है। इसके बाद प्रस्ताव एनसीआरपीबी को भेजा जाएगा।
-अतुल प्रकाश, सीईओ, बीडा