भिवाड़ी. रीको के सलारपुर उद्योग क्षेत्र में सरकारी संपत्ति को नष्ट करने के साथ ही राजस्व की हानि की जा रही है। सरकार संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर रीको पुलिस थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करा सकती है लेकिन यहां मामला कुछ और ही चल रहा है। रीको अधिकारी चार करोड़ की लागत […]
भिवाड़ी. रीको के सलारपुर उद्योग क्षेत्र में सरकारी संपत्ति को नष्ट करने के साथ ही राजस्व की हानि की जा रही है। सरकार संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर रीको पुलिस थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करा सकती है लेकिन यहां मामला कुछ और ही चल रहा है। रीको अधिकारी चार करोड़ की लागत से निर्मित चारदीवारी को टूटते हुए देख रहे हैं और शायद उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब मौके पर दीवार के अवशेष भी नहीं बचें। दीवार को तोडक़र आसपास के सभी अवैध भूखंड बेचने वाले रीको की सडक़ों को ही आवागमन में उपयोग करने लगें। रीको अधिकारी विभाग के हित में नहीं सोचकर काश्तकार और निजी भूमि पर अवैध भूखंड बेचने वालों की तरफ झुकाव बनाए हुए हैं। जिन लोगों ने रीको की चारदीवारी तोड़ी है, उनसे वसूली नहीं कर रहे। उनसे तोड़ी गई दीवार का निर्माण भी नहीं करा रहे। इस तरह रीको उद्योग क्षेत्र में अवैध कब्जे, अतिक्रमण बढ़ रहे हैं और रीको अधिकारी खुली आंखों से सब कुछ देख रहे हैं लेकिन कार्रवाई करने से बच रहे हैं। सलारपुर उद्योग क्षेत्र में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के बारे में रीको के स्थानीय से लेकर उच्चाधिकारियों से जानकारी चाही, उनकी ओर से की जाने वाली कार्रवाई के बारे में जानकारी लेना चाहा लेकिन रीको अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने से डरते नजर आए, उन्होंने उक्त पहलू पर कोई विचार नहीं रखा। रीको अधिकारियों के इस गैर जिम्मेदार रवैए से समझा जा सकता है कि उन्हें उद्योग क्षेत्र अवैध कब्जे रोकने की चिंता नहीं है।
रीको भी करा सकती है निर्माण
उद्योग क्षेत्र सलारपुर में रीको भी टूटी दीवार का निर्माण करा सकती है। उद्योग क्षेत्र में रीको के कई निर्माण कार्य चल रहे हैं। अगर रीको अधिकारी चाहें तो कुछ एक दिन में टूटी गई दीवार को सही किया जा सकता है। जहां पूरी तरह दीवार तोड़ दी गई है वहां भी निर्माण हो सकता है। जिन लोगों ने दीवार तोड़ी है, उनसे सरकारी राजस्व की वसूली और उन पर कार्रवाई मुकदमा दर्ज कराकर बाद में हो सकती है। फिलहाल दीवार निर्माण होने से रीको क्षेत्र में होने वाले अतिक्रमण और अवैध निर्माण पर लगाम लग जाएगी।