भिवाड़ी

क्लीन एंड ग्रीन इको सिटी का सर्वे पूरा, जून में तैयार हो जाएगी डीपीआर

उद्योग नगरी को क्लीन एंड ग्रीन इको सिटी बनाने के लिए सर्वे हो चुका है। टीम ने पांच दिन सर्वे किया। अब डिजायन, ड्राइंग और कराए जाने वाले कार्यों की लागत तय की जा रही है। जून महीने में डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो जाएगी।

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सरकार ने शहर को स्मार्ट बनाने दिया है 50 करोड़ का बजट

भिवाड़ी. उद्योग नगरी को क्लीन एंड ग्रीन इको सिटी बनाने के लिए सर्वे हो चुका है। टीम ने पांच दिन सर्वे किया। अब डिजायन, ड्राइंग और कराए जाने वाले कार्यों की लागत तय की जा रही है। जून महीने में डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो जाएगी। डीपीआर तैयार होने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी, वहां से स्वीकृति के बाद टेंडर लगाकर निर्माण कार्य कराए जाएंगे। भिवाड़ी में विकास कार्यों के लिए 50 करोड़ मिले हैं। डीपीआर का काम जयपुर स्मार्ट सिटी ने रुडिसको को दिया है।

इन विकास कार्यों की मिलेगी सौगात

इको सिटी के तहत स्मार्ट रोड निर्मित किया जाएगा जिसमें भूमिगत यूटिलिटी डक्ट, पेडेस्ट्रियन वॉक वे, ग्रीन लैंड स्केपिंग, पार्किंग, बस स्टॉप, ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग की जाएगी। बिजली के झूलते तारों को भूमिगत किया जाएगा। स्ट्रीट वेंडर जोन बनाए जाएंगे। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (कमांड सेंटर) नगर परिषद में स्थापित किया जाएगा, यहां से शहर के कुछ हिस्सों को वाईफाई से जोड़ा जाएगा, यातायात नियंत्रण, वायु प्रदूषण के बारे में नगर परिषद में लाइव जानकारी आती रहेगी। बारिश जल को सहेजने के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग की जाएगी। बाबा मोहनराम मंदिर के सामने कॉरिडोर का निर्माण होगा। उक्त सभी कार्यों का फील्ड सर्वे हो चुका है।

एक वर्ष बाद हुई शुरुआत

गत वित्तीय वर्ष के बजट में प्रदेश सरकार ने केंद्र की स्मार्ट सिटी योजना की तर्ज पर प्रदेश के 16 शहरों को विकसित करने के लिए 900 करोड़ रुपए का कोष देने की घोषणा की थी। उक्त बजट से आगामी तीन वर्ष 16 शहरों को क्लीन एंड ग्रीन इको सिटी के रूप में विकसित किया जाना है इसमें भिवाड़ी को भी शामिल किया गया। औद्योगिक शहर को स्मार्ट नगरी के रूप में विकसित करने के लिए सरकार ने अच्छी घोषणा की थी। जनवरी में भी स्थानीय स्तर पर बैठक हुई, जिसमें स्मार्ट सिटी के तहत कराए जाने वाले विकास कार्यों की रूपरेखा बनाई गई।

शहर होगा स्मार्ट

स्मार्ट सिटी में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होता है, जिसमें सेंसर के जरिए पानी की लीकेज और बर्बादी रोकी जाती है, आपूर्ति की निगरानी होती है। स्मार्ट ग्रिड और स्मार्ट लाइटिंग से ऊर्जा की खपत कम की जाती है। कचरा प्रबंधन को ऑटोमेट करना, भरे हुए डस्टबिन की सूचना मिलना। इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) से यातायात नियंत्रण, स्मार्ट पार्किंग और सार्वजनिक परिवहन को बेहतर किया जाता है। ई गवर्नेंस के जरिए सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन करना। सुरक्षा और निगरानी के लिए सीसीटीवी और आईओटी सेंसर से अपराधों पर नजर रखना। पर्यावरण सुधार के लिए हवा की गुणवत्ता पर नजर रखना और प्रदूषण कम करना। हरे भरे क्षेत्र बनाना स्मार्ट सिटी में शामिल होते हैं।

बड़े शहरों से मुकाबला

गत कुछ वर्ष में भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र का तेजी से विस्तार हुआ है। भिवाड़ी दिल्ली, गुरुग्राम, नोएड़ा के नजदीक है। एनसीआर में शामिल है। भिवाड़ी में विकास का वैसा मॉडल नहीं है जैसा कि एनसीआर के अन्य शहरों में है। एनसीआर के अन्य शहरों की अपेक्षा भिवाड़ी की चमक आज भी फीकी है। अगर समय पर यहां सुधार किया जाए। गुरुग्राम की काउंटर मैग्नेट सिटी बनाई जाए, तब आने वाले समय में निवेश और रोजगार तेजी से बढ़ेगा।

Published on:
27 May 2026 06:24 pm
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