भिवाड़ी. औद्योगिक, घरेलू और व्यावसायिक बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। जल्दी ही क्षेत्र में बिजली का मजबूत तंत्र तैयार होने वाला है। क्षेत्र में 33 केवी के आठ नए जीएसएस निर्माण के साथ ही पहले से मौजूद दो जीएसएस की क्षमता का विस्तार होने वाला है। इसके लिए वितरण निगम करीब 24 करोड़ रुपए खर्च करेगी। नए जीएसएस तैयार होने के बाद क्षेत्र की दो हजार औद्योगिक इकाइयों को बिजली आपूर्ति में सीधे तौर पर फायदा होगा। जमीन आवंटन होने और शेष बचे आवंटन के प्रक्रियाधीन निगम ने मुख्यालय से निर्माण कार्य के लिए कोष की मांग रखी है। एक जीएसएस के निर्माण में करीब तीन करोड़ रुपए खर्च होंगे।
इस तरह तैयार होगा नया सिस्टम
220 केवी जीएसएस बिलाहेड़ी और 132 केवी जीएसएस नीलम चौक के अंदर 33 केवी के दो नए जीएसएस बनेंगे। अभी तक यहां से उक्त क्षेत्र के लिए प्रसारण निगम के जीएसएस से बिजली आपूर्ति होती है। तकनीकि समस्या आने पर प्रसारण निगम का सहयोग लेना पड़ता है जिसमें देरी की आशंका रहती है। नए जीएसएस के निर्माण के बाद 11 केवी का सिस्टम प्रसारण निगम से वितरण निगम को हस्तांतरण हो जाएगा। सलारपुर में दो और सारेखुद में 33 केवी के एक जीएसएस के लिए जमीन आवंटन पूर्व में हो चुका है। हरचंदपुर, घटाल और रिलेक्सो चौक पर आवंटन होना है। इसके लिए जीएसटी का पैसा रीको को जमा हो चुके हैं।
पथरेड़ी और होंडा चौक 33 केवी जीएसएस की क्षमता बढ़ाई जाएगी। पथरेड़ी में क्षमता पांच से आठ एमवीए की जाएगी। होंडा चौक में भी पांच की जगह आठ एमवीए का ट्रांसफार्मर रखा जाएगा। इन दोनों जीएसएस पर अभी वर्तमान क्षमता कम है, जिसकी वजह से इंडस्ट्री को आपूर्ति में दिक्कत आती है।
नए जीएसएस के निर्माण होने के बाद बिजली की लाइन छोटी हो जाएंगी, ट्रिपिंग की समस्या कम होगी, ओवरलोडिंग कम होने पर तार भी कम टूटेंगे। उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी।
उद्योग क्षेत्र में नई इकाइयों का विस्तार हो रहा है। इसके लिए बिजली तंत्र का मजबूत होना जरूरी है। औद्योगिक इकाइयों को नजदीकी जीएसएस से बिजली आपूर्ति होने पर सभी तरह से लाभ मिलेगा।
मनोज गंगावत, अधीक्षण अभियंता, वितरण निगम