17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दूषित पानी हवा केमिकल हजारडस परिवहन की होगी ऑनलाइन निगरानी

आरपीसीबी ने आईओटी आधारित सिस्टम तैयार करने डीओआईटी को भेजा प्रस्ताव हवा को स्वच्छ करने लगेंगे स्मॉग टावर

2 min read
Google source verification

भिवाड़ी. उद्योग नगरी के लिए अच्छी खबर है। चालू वित्तीय वर्ष के बजट में एनसीआर और एनकेप में शामिल शहरों में एंटी स्मोक गन, भारी यातायात दबाव वाले क्षेत्र में स्मॉग टावर, रोड स्वीपिंग मशीन, गोबलर मशीन, वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन और प्रदूषण नियंत्रण क्षेत्रीय कार्यालय (आरपीसीबी) में प्रदूषित जल, हज़ार्ड केमिकल के अवैध निर्वहन, डपिंग की निगरानी के लिए आईओटी आधारित सिस्टम तैयार करने की घोषणा की गई थी। इसके लिए 720 करोड़ रुपए का बजट का प्रावधान किया गया था। इस तरह बजट घोषणा से पर्यावरण सुधार के काम होने की संभावना जागी थी। उक्त घोषणा के क्रम में अब आरपीसीबी ने प्रस्ताव डीओआईटी को भेज दिया है। आरपीसीबी ने भिवाड़ी क्षेत्रीय कार्यालय के साथ पाली भीलवाड़ा सहित पांच उद्योग क्षेत्र के प्रस्ताव भेजे है। डीओआईटी को उक्त घोषणा को किस तरह लागू कराना है इसकी रूपरेखा तैयार करनी है। रोड स्वीपिंग मशीन से सफाई में धूल नहीं उड़ती, मशीन द्वारा धूल को सोखा जाता है। जबकि एंटी स्मोग गन से हवा में काफी ऊंचाई तक बारीक बूंद से छिडक़ाव किया जाता है, जिससे कि धूल के छोटे कण खत्म हो जाते हैं। स्मॉग टावर से दूषित हवा स्वच्छ होती है।
भिवाड़ी को नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनकेप) में शामिल करने के लिए विशेषज्ञों से राय ली गई है। इसमें पीएम 2.5 और पीएम 10 को कम करने सभी विभागों को पर्यावरण मंत्रालय बजट देता है। इसको लेकर दो बार सीपीसीबी की बैठक हो चुकी है। इसके शामिल होने पर भिवाड़ी की हवा में सुधार होगा। बीडा में एक बैठक हुई जिसमें विंटर एक्शन प्लान को लेकर भी चर्चा हुई। इसके लिए सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरमेंट (सीएसई) के विशेषज्ञों को भिवाड़ी की स्थिति के बारे में बताया गया। एनसीआर में आने की वजह से भिवाड़ी का वायु गुणवत्ता सूचकांक पांच महीने खराब रहता है। ग्रेप की पाबंदी लागू होने से उद्योगों को बंद करना पड़ता है। सरकारी कार्यालयों को धूल-मिट्टी नियंत्रण एवं पानी छिडक़ाव के लिए जूझना पड़ता है। अगर यहां की हवा को स्वच्छ रखा जाए तो उद्योगों को बंद नहीं करना पड़ेगा। उद्योग क्षेत्र में पांच महीने एक्यूआई बेहद खराब स्थिति में रहता है। हवा सांस लेने लायक नहीं होती। इस तरह की हवा में सांस लेने से आमजन की सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। स्मॉग टावर लगने से हवा स्वच्छ होगी जिससे आमजन की जिंदगी बेहतर हो सकेगी। हवा खराब होने पर बच्चे और बुजुर्गों को त्वचा रोग के साथ एलर्जी, फेफड़ों संबंधी परेशानी हो जाती है। इस तरह स्मॉग टावर से प्रदूषित हवा की समस्या दूर हो सकेगी। हवा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए निर्माण कार्य रोक दिए जाते हैं जिससे प्रोजेक्ट में देरी हो जाती है। हवा स्वच्छ रहने पर निर्माण कार्य सतत् चलते रहेंगे।