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ओएफसी बिछाने में ताक पर नियम, उद्योग क्षेत्र में उखड़ रही फुटपाथ

फिर धूल उड़ेगी, प्रदूषण बढ़ेगा, करोड़ों की टाइल्स बर्बाद होंगी

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भिवाड़ी

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Dharmendra dixit

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Dharmendra Dixit

Jan 19, 2026

भिवाड़ी. औद्योगिक क्षेत्र में रीको ने गत कई वर्ष में करोड़ों की लागत से टाइल्स लगाकर फुटपाथ निर्मित कराया था। अब फुटपाथ को उखाड़ा जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में कई किमी फुटपाथ की स्थिति जर्जर हो चुकी है। कई किमी में फुटपाथ अब पैदल चलने लायक भी नहीं बचा है। फुटपाथ की जर्जर स्थिति के लिए निगरानी की कमी है। बीते कुछ महीने से उद्योग क्षेत्र में ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) बिछाई जा रही है। ओएफसी बिछाने में नियमों की पालना नहीं हो रही है। ओएफसी बिछाने के लिए 65 मीटर पर गड्डा खोदने की अनुमति ली गई है लेकिन कुछ फीट पर ही गड्डे खोदकर फुटपाथ को तोड़ा जा रहा है। जितने अधिक गड्डे होंगे फुटपाथ उतनी ही अधिक जमीन में धंसेगी और दबकर खराब होगी। पहले रीको चौक के आसपास, फिर रेबिन कंपनी के नजदीक और अब अजंता चौक के पास ओएफसी बिछाकर फुटपाथ को तोड़ा जा रहा है।

निर्माण एजेंसी की मनमानी पड़ेगी भारी
निर्माण एजेंसी फुटपाथ के टाइल्स को तहस-नहस कर रही है। पूर्व में रीको की ओर से चेतावनी देने और जुर्माना लगाने के बावजूद काम निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं किया जा रहा है। पूर्व में भी रीको ने निर्माण एजेंसी के काम को रोकने के साथ सामान जब्त कर 33.64 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। रीको ने गत और चालू वर्ष में करोड़ों रुपए की लागत से औद्योगिक क्षेत्र में फुटपाथ पर टाइल्स बिछवाए हैं। गत कई वर्षों से टाइल्स बिछाने का काम चल रहा है। ओएफसी को नियमों की अनदेखी कर बिछाया जा रहा है। ओएफसी बिछाने के लिए एक पिट (गड्डा) 65 मीटर दूर पर खोदने की अनुमति है, जबकि नीलम चौक से रीको चौक और आसपास के औद्योगिक क्षेत्र में कुछ फीट की दूरी पर ही गड्डे खोद दिए गए हैं। मिट्टी फुटपाथ पर पड़ी हुई है। पूरा फुटपाथ ही मिट्टी से भरा पड़ा है। बड़े वाहन यहां से गुजरते हैं, जिसकी वजह से दिनभर मिट्टी उड़ती रहती है। विशेषज्ञों की मानें तो एक बार गड्डा होने के बाद फुटपाथ ऊंचा-नीचा हो जाता है। जब औद्योगिक क्षेत्र में करोड़ों की लागत से टाइल्स बिछ चुकी हैं, तब ओएफसी बिछाने का काम शुरू किया है। इससे पूर्व में कराए गए काम को नुकसान पहुंचेगा। पूर्व में केबल खुदाई की साइड पर भी रखरखाव कार्य नहीं कराया है।

खराब हो जाते हैं टाइल्स
रीको ने ओएफसी बिछाने के लिए अनुमति दी है। 120 किमी क्षेत्र में 1.5 मीटर गहराई में लाइन बिछाई जानी है। लाइन बिछाने के लिए गड्डे का साइज भी 1*1.5 मीटर होगा। इसके लिए रीको ने 1.85 करोड़ रीस्टोरेशन शुल्क और 29 लाख की बैंक गारंटी जमा कराई है। खुदाई करने के बाद गड्डों का भराव कंपनी को करना होगा। बाद में यथास्थिति में करने का काम रीको करेगी। रीको ने क्षेत्र में गत वर्षों में कई करोड़ रुपए से फुटपाथ पर टाइल्स बिछाए हैं। जिस तरह से केबल बिछाई जा रही है, उसमें फुटपाथ के टाइल्स जमीन में दब जाते हैं। इस तरह करोड़ों की लागत से बिछाए गए टाइल्स के खराब होने की पूरी आशंका रहती है। अभी भी कुछ जगह पर फुटपाथ का नामोनिशान मिट चुका है।

आयोग की सख्ती से बिछे टाइल्स
वायु गुणवत्ता आयोग ने वायु प्रदूषण को कम करने के लिए गत वर्षों में नियमित निगरानी की। रीको से औद्योगिक क्षेत्र में टाइल्स बिछाने की प्रगति निरंतर जानी। हर महीने होने वाली बैठक में रीको ने फुटपाथ पर टाइल्स बिछाने की प्रगति का ब्यौरा दिया। इसका उद्देश्य यही था कि भारी हल्के वाहनों के सडक़ से नीचे कच्चे में उतरने पर धूल नहीं उड़े। धूल उडऩे से रोकने फुटपाथ पर टाइल्स बिछाए गए। अब ओएफसी बिछने, टाइल्स उखडऩे से आयोग के दिशा निर्देशों की फिर धज्जियां उड़ेंगी।

पूर्व में भी काम बंद कराकर जुर्माना लगाया था। नई अनुमति नहीं दी है, नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रदीप मीणा, एआरएम, रीको