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समतल चौक का भी होगा सुधारीकरण, आवागमन होगा बेहतर

भिवाड़ी. रेवाड़ी पलवल हाईवे स्थित समतल चौक को भी आवागमन के लिए सुविधाजनक बनाया जाएगा। भिवाड़ी मोड के साथ समतल चौक की दशा सुधारने से शहर के दो चौराहों खूबसूरत नजर आएंगे। चौक के सुधारीकरण के लिए दो बार 50.60 लाख रुपए का टेंडर लगा लेकिन किसी निर्माण एजेंसी ने भाग नहीं लिया। बीडा ने […]

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भिवाड़ी. रेवाड़ी पलवल हाईवे स्थित समतल चौक को भी आवागमन के लिए सुविधाजनक बनाया जाएगा। भिवाड़ी मोड के साथ समतल चौक की दशा सुधारने से शहर के दो चौराहों खूबसूरत नजर आएंगे। चौक के सुधारीकरण के लिए दो बार 50.60 लाख रुपए का टेंडर लगा लेकिन किसी निर्माण एजेंसी ने भाग नहीं लिया। बीडा ने तीसरी बार टेंडर निकाला है। चौक पर पुलिया में अभी तक वाहन फंस जाते हैं। उक्त स्थान पर ब्लॉक डालकर नालियों के पानी सडक़ के आरपार निकासी की उचित व्यवस्था की जाएगी। हल्के और भारी वाहन यहां आसानी से निकल सकें, इसके लिए पुलिया की जगह पर अच्छी रपट बनाई जाएगी। साथ ही चौराहे पर भीड़ अधिक रहती है और भारी वाहन भी गुजरते हैं। इसके लिए पेट्रोप पंप की तरह सौ मीटर तक एक-एक लेन सडक़ का निर्माण दोनों तरफ किया जाएगा, जिससे सडक़ छह लेन चौड़ी हो जाएगी। वाहन यहां से आसानी से गुजरने के साथ ही राहगीर और स्थानीय व्यापारियों को राहत मिलेगी।

शहर का मुख्य चौराहा
समतल चौक उद्योग नगरी के मुख्य चौराहों में से एक है। चौराहे पर ही भिवाड़ी और नंगलिया गांव बसते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में मजदूर कॉलोनियां है। चौराहे के एक तरफ जिला अस्पताल, सेंट्रल मार्केट, सदर बाजार सहित मुख्य बाजार है। यहीं से उद्योग क्षेत्र को जोडऩे वाली मुख्य सडक़ है। इस तरह उक्त चौराहा शहर की धुरी की तरह काम करता है लेकिन एक दशक से उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। इसके साथ ही यहां से रेवाड़ी पलवल हाईवे और उद्योग क्षेत्र में आने वाले भारी वाहन गुजरते हैं।

यह रही उपेक्षा
चौराहे पर हमेशा जलभराव की समस्या रहती है। पुलिया के नीचे नालियों के पानी निकासी के लिए पाइप डाले गए हैं लेकिन उनके चौक हो जाने से पानी सडक़ पर भरता है। पुलिया की रपट तकनीकि रूप से खराब है। इस पर बड़े वाहन अक्सर फंस जाते हैं। छोटे वाहन भी धीमी गति से निकलते हैं। राहगीर और दोपहिया वाहन चालकों का निकलना भी यहां से मुश्किल होता है। यहां बड़ी संख्या में शहरवासी खरीदारी को आते हैं लेकिन उन्हें गंदगी और जलभराव की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है। व्यापारियों का भी रोजगार प्रभावित होता है। लंबे समय से यहां पर यह समस्या बनी हुई है। एनएच के अधिकार क्षेत्र में आने की वजह से स्थानीय एजेंसियों ने यहां पर विकास नहीं कराया। अब जाकर बीडा ने ध्यान देना शुरू किया है।

घूमकर निकलते हैं
कई बार यहां नियमित रूप से जाम की समस्या रहती है। जिसकी वजह से स्थानीय जन घूमकर अन्य मार्ग से निकलते हैं। फूलबाग से बायपास जाना हो या वापस लौटना हो, एनएच की जगह गौरवपथ से गुजरते हैं, जिससे कि यहां के जाम से बचा जा सके।